सीएए के खिलाफ राज्य सरकार के विज्ञापनों पर हाइकोर्ट ने लगायी रोक

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में चल रहे सभी सरकारी अभियान रोकने होंगे कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) से जुड़े सभी तरह के मीडिया अभियानों पर रोक लगाने का सोमवार को निर्देश दिया. मुख्य न्यायाधीश टीबीएन राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने अदालत के अंतिम आदेश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में चल रहे सभी सरकारी अभियान रोकने होंगे

कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) से जुड़े सभी तरह के मीडिया अभियानों पर रोक लगाने का सोमवार को निर्देश दिया. मुख्य न्यायाधीश टीबीएन राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने अदालत के अंतिम आदेश देने तक राज्य सरकार को सीएए को लेकर चलाये जा रहे सभी तरह के अभियानों पर रोक लगाने का निर्देश दिया.
अदालत ने साथ ही राज्य सरकार से याचिकाकर्ता के उस दावे पर भी विस्तृत जवाब मांगा कि सार्वजनिक पैसों के इस्तेमाल से सीएए के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. पीठ मामले में अगली सुनवाई नौ जनवरी को करेगी. अदालत मीडिया के विभिन्न रूपों में सीएए के खिलाफ राज्य के अभियान, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने जैसे मुद्दों पर सुनवाई कर रही है.
महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत में तर्क दिया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक हटा ली गयी है.पीठ ने रेलवे को भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने से रोकने के लिए उठाये गये कदमों और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान हुए नुकसान की कीमत के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है.
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