कोलकाता : हम सभी को मनुष्य का अनमोल जीवन प्राप्त हुआ है. यह जीवन उस परमात्मा की देन है. इस कारण इसे दूसरों के उपकार में लगाना चाहिये. हमेशा दूसरों को अपना समझो. सूर्य, चंद्रमा, वायु हमारे जाति, धर्म व हमारे आर्थिक परिस्थिति को देखकर हमे लाभान्वित नहीं करते.
वह सभी को एक समान सेवा देते हैं. हम सभी परमात्मा के बच्चे हैं. हमें हमेशा सामने वाले की आत्मा देखकर उन्हें हमारा अपना समझना चाहिये. यह बातें प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विद्यालय के बारानगर केंद्र में माउंटआबू से पधारीं राजयोगिनी ब्रम्हाकुमारी उर्मिला दीदी ने कहीं.
शनिवार को पत्रकारों को लेकर आयोजित मेडिटेशन सेंटर में उन्होंने संयम व खुशी के साथ शांतिपूर्ण जिंदगी जीने के गुण सिखाये. उन्होंने कहा: हमें हमेशा मन को शांत व सरल रखना चाहिये और सभी काम को प्रेम से करना चाहिये. तभी सभी काम बेहतरीन तरीके से संपन्न होंगे. हम सभी को लोगों को गॉड (परमात्मा) के साथ मॉर्निंग की शुरुआत करनी चाहिए.
हर व्यक्ति अगर प्रतिदिन कम से कम पांच मिनट मेडिटेशन करें तो उसके शरीर में हमेशा पॉजिटिव ऊर्जा का संचार होता रहेगा, प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में निगेटिव वस्तुओं को पॉजिटिव में बदलकर उसी विचारधारा से काम करना चाहिए. तभी हमें व हमारे समाज का भला होगा. शांति के बिना जीवन का विकास असंभव है. इसके कारण प्रत्येक मनुष्य की जिंदगी में शांति आये, इसके लिए उन्हें सकारात्मक सोच को मन में जगह देनी होगी.
दूसरों के बारे में सोचकर अपना समय व्यर्थ करने से अच्छा है कि हम खुद के बारे में सोचकर अपनी जिंदगी को सुधारें, तभी हम एक सफल मनुष्य बन सकते हैं. इस अवसर पर बारानगर केंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी किरण व ब्रह्माकुमार पिंकी ने भी अपने वक्तव्य रखें. ब्रह्माकुमारी के बारानगर केंद्र में प्रतिदिन सुबह सात बजे व शाम छह बजे आम लोग के लिए मेडिटेशन होता है और राजयोग सिखाये जाते हैं.
