कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के पारित होने के बाद से ही विशेष कर उत्तरी-पूर्वी राज्यों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. जगह-जगह केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी, तोड़फोड़ व विरोध प्रदर्शन जारी हैं. बसों व ट्रकों में तोड़फोड़ व आगजनी से ट्रांसपोर्टर भयभीत हैं. पश्चिम बंगाल सह असम, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य स्थानों पर वाहक ट्रक फंसे हुए थे. इनमें सब्जी लेकर एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले ट्रकों की संख्या अधिक थी.
जनवरी में घट सकती है प्याज की कीमत
कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के पारित होने के बाद से ही विशेष कर उत्तरी-पूर्वी राज्यों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. जगह-जगह केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी, तोड़फोड़ व विरोध प्रदर्शन जारी हैं. बसों व ट्रकों में तोड़फोड़ व आगजनी से ट्रांसपोर्टर भयभीत हैं. पश्चिम बंगाल सह असम, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत […]

जनवरी में घट सकती है प्याज की कीमत
पश्चिम बंगाल में ट्रकों में आगजनी के चलते कई जगहों पर सब्जियों से लदे ट्रक फंसे हुए थे. इससे महानगर समेत राज्यभर की मंडियों में सब्जी व मछलियों की किल्लत देखी जा रही थी लेकिन प्रशासन के सक्रियता के बाद अब हालात में सुधार हो रहा है. इस विषय में फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सजल घोष ने बताया कि असम में कर्फ्यू के कारण रात में ट्रकों को छोड़ा जा रहा है.
वहीं विभिन्न जगहों पर पुलिस की चौकसी भी बढ़ा दी गयी है.पश्चिम बंगाल में भी भारत बांग्लादेश सीमा सहित कई जिलों में ट्रक फंसे हुए थे. जगह-जगह आलू-प्याज, फल व हरी सब्जी से लदे ट्रक खड़े फंसे हुए थे. संगठन की ओर से सीएम ममता बनर्जी को पत्र लिख ट्रक चालकों की सुरक्षा की मांग की गयी थी. संगठन की मांग पर सरकार ने सक्रियता दिखायी और विभिन्न जगहों पर फंसे ट्रकों को वहां से रवाना किया गया.
महंगाई नियंत्रण के लिए गठित टॉस्क फोर्स के सदस्य कमल दे ने बताया कि जनवरी में प्याज की कीमत घट सकती है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर आलू की नयी फसल दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक बाजार में उपलब्ध हो जाती है, लेकिन बुलबुल के कारण आलू की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है. बुधवार को महानगर के बाजारों में 90-100 रुपये किलो प्याज बिका. इसी तरह 26-27 रुपया प्रति किलो आलू बिके. ऐसे में जनवरी के पहले सप्ताह से आलू व प्याज की कीमतों में गिरावट होगी.