बगदादी को महाशक्तियों का मोहरा मानते हैं बुद्धिजीवी

कोलकाता : आइएसआइएस के सरगना अबू बकर अल बगदादी के मारे जाने की खबरों का महानगर के मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने जहां स्वागत किया है, वहीं अधिकतर उसे वैश्विक महाशक्तियों का मोहरा भी मानते हैं. उनका मानना है कि लादेन की तरह ही बगदादी भी उन्हीं महाशक्तियों की उपज है, जो केवल एक मोहरा था. हालांकि […]

कोलकाता : आइएसआइएस के सरगना अबू बकर अल बगदादी के मारे जाने की खबरों का महानगर के मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने जहां स्वागत किया है, वहीं अधिकतर उसे वैश्विक महाशक्तियों का मोहरा भी मानते हैं. उनका मानना है कि लादेन की तरह ही बगदादी भी उन्हीं महाशक्तियों की उपज है, जो केवल एक मोहरा था. हालांकि सभी का यह जरूर मानना है कि बगदादी ने इस्लाम की शिक्षा के खिलाफ काम किया है.

नाखुदा मस्जिद के इमाम शफीक कासमी का कहना है कि मीडिया के जरिये बगदादी के संबंध में उन्हें जो कुछ भी पता है, उससे वह कह सकते हैं कि वह इंसानियत के खिलाफ काम करता था. जो इंसानियत के खिलाफ काम करता है, वह इस्लाम का भी दुश्मन है. गोरिल्ला तरीके से लड़ना, हिंसा फैलाना यह सबकुछ इस्लाम के खिलाफ है.

पत्रकार मौलाना अब्दुल अजीज का कहना है कि बगदादी का इस्लाम के साथ कोई ताल्लुक नहीं है. उसे पैदा ही वैश्विक महाशक्तियों ने किया है. उसे मारने वाली भी वही शक्तियां थी. बगदादी ने कभी इजराइल पर हमला नहीं किया. लादेन को भी उन्हीं महाशक्तियों ने पैदा किया और मारा. लादेन के ठिकाने की जानकारी होने पर भी चुनाव के करीब होने पर ही अमेरिका ने उसे मारा. बगदादी कोई बहादुर नहीं था. वह एक प्रोपेगैंडा का हिस्सा और यहूदी था.

नाम न बताने की शर्त पर एक मुस्लिम बुद्धिजीवी का कहना था कि बगदादी का इस्लाम से कोई सरोकार नहीं था. वह वैश्विक राजनीति का महज एक मोहरा था. इस्लाम में तो आत्महत्या को गुनाह माना गया है. बावजूद इसके बगदादी ने आखिर में खुद को बम से उड़ा दिया. अगर वह बहादुर होता तो लड़ाई करके मौत को गले लगाता. बगदादी का सृजन भी महाशक्तियों के तेल के भंडार को पाने की कोशिशों का ही नतीजा है. आम भारतीय मुस्लिम को तो बगदादी की बावत कुछ भी पता नहीं होगा. अन्य आम भारतीयों की तरह ही वह सुनी-सुनायी बातों को ही जानता है.

महानगर के विशिष्ट मुस्लिम उद्योगपति खालिद मोहम्मद सैफुल्लाह ने कहा कि आतंकवाद का रास्ता अख्तियार करनेवाले इस्लाम को नहीं जानते. इस्लाम में दया और करुणा की बात कही गयी है. आतंकवाद के खिलाफ सभी को एकजुट होना चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >