”बाजी बाजार” में पटाखों की बिक्री में भारी गिरावट, दुकानदार मायूस

कोलकाता : महानगर में हुई बारिश और अधिकारियों द्वारा काली पूजा और दिवाली के मौके पर तेज आवाज वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण शहीद मीनार मैदान में लगे ‘बाजी बाजार’ (पटाखा बाजार) में पटाखों की बिक्री में भारी गिरावट आयी है. आतिशबाजी का यह बाजार राज्य सरकार की निगरानी में लगाया जाता […]

कोलकाता : महानगर में हुई बारिश और अधिकारियों द्वारा काली पूजा और दिवाली के मौके पर तेज आवाज वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण शहीद मीनार मैदान में लगे ‘बाजी बाजार’ (पटाखा बाजार) में पटाखों की बिक्री में भारी गिरावट आयी है. आतिशबाजी का यह बाजार राज्य सरकार की निगरानी में लगाया जाता है. प्रत्येक वर्ष काली पूजा और दीवाली के मौके पर लगभग एक सप्ताह तक यह बाजार लगता है.

बाजी बाजार में दुकान लगाने वाले उमर भाई ने कहा कि ग्राहकों का एक बड़ा तबका ‘फुलझड़ी’ और ‘चरखी’ जैसे पटाखे खरीदने में दिलचस्पी नहीं रखता है.उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बाजार में इस बार कुल बिक्री का आंकड़ा पांच लाख रुपये को भी पार कर पाएगा. हर गुजरते साल के साथ स्थिति और खराब होती जा रही है.
बाजी बाजार का आयोजन करने वाले संघ के संयुक्त सचिव सांतनु दत्ता ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष स्टॉलों की संख्या 52 से घटकर 39 रह गयी है.

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