सऊदी अरब के जेद्दा में फंसे बंगाल के 20 लोग

कोलकाता : नौकरी के नाम पर सऊदी अरब के जेद्दा गये 21 भारतीयों को वहां बंधक बना लिया गया है. उनमें से 20 पश्चिम बंगाल से हैं, जबकि एक मुंबई से है. सभी पेशे से सोने के कारीगर हैं. अपने परिवार के लिए और रुपये कमाने की उम्मीद लेकर एक एजेंट के जरिये वे जेद्दा […]

कोलकाता : नौकरी के नाम पर सऊदी अरब के जेद्दा गये 21 भारतीयों को वहां बंधक बना लिया गया है. उनमें से 20 पश्चिम बंगाल से हैं, जबकि एक मुंबई से है. सभी पेशे से सोने के कारीगर हैं. अपने परिवार के लिए और रुपये कमाने की उम्मीद लेकर एक एजेंट के जरिये वे जेद्दा गये थे.

उन 21 भारतीयों को गोल्ड मार्केट में नौकरी का वादा किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश वे सब ये समझ नहीं पाये कि उन्हें तस्करी कर दूसरे देश ले जाया गया है. उनसे वीजा और पासपोर्ट भी छीन लिया गया है.
उनमें से चार हावड़ा से हैं, 10 हुगली, तीन पूर्व बर्दवान से, दो उत्तर और एक दक्षिण 24 परगना जिले से हैं. एक अन्य मुंबई के थाने से है. ये सभी मुंबई के गोल्ड मार्केट में कारीगर के रूप में काम करते थे. नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी के चेयरपर्सन शेख जिन्नार अली ने बताया कि उन्हें शांतनु पाल के परिवार से कॉल आयी.
उनके जरिये उन्हें पता चला कि दो साल पहले एक एजेंट की मदद से शांतनु जेद्दा की मुशाली फैक्टरी में काम करने गये थे. वह टूरिस्ट वीजा के तहत वहां गये थे. वीजा पहले से ही एक्सपायर हो चुका है और लंबे समय से उन्होंने अपने परिजनों से बात नहीं की है.
सही सलामत वापस लाने का प्रयास जारी
काफी प्रयास के बाद उन्होंने अपने परिवार से बात की और बताया कि उनका पासपोर्ट और वीजा जेद्दा में लैंड करते ही उनसे ले लिया गया था. परिवार ने जेद्दा में भारतीय दूतावास में बात करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे. शांतनु के परिवार ने अली को बताया कि 21 लोगों को वहां नौकरी दिलाने का वादा करके ले जाया गया.
कई प्रयास के बाद उस नंबर पर संपर्क हुआ, जिससे शांतनु ने कॉल की थी. इसके बाद एक दूसरे शख्स नजरूल इस्लाम से संपर्क किया गया. उन्हें नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी ऐप डाउनलोड करने और शिकायत दर्ज करने को कहा गया.
शेख जिन्नार अली ने बताया कि विदेश मंत्रालय और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पूरे मामले के बारे में बता दिया गया है. जेद्दा में भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया है. उन्हें सही सलामत वापस लाने के प्रयास किये जा रहे हैं. वे लोग वहां बिना पर्सनल फंड, वीजा और वैलिड पासपोर्ट के फंसे हुए हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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