हावड़ा : गर्भ में बेटियों की हत्या नहीं करें. भ्रूण हत्या पाप ही नहीं, बल्कि अपराध है. बेटियों को बचाने के लिए सरकार लगातार जागरुकता अभियान चला रही है. डॉयग्नोस्टिक सेंटर में नवजात के लिंग निर्धारण करने पर प्रतिबंध है. बावजूद इसके आज भी हमारे देश में भ्रूण हत्याएं हो रही हैं और बेटियों को जन्म लेने के पहले ही मार दिया जा रहा है.
सरकार की ओर से चलाये जा रहे बेटी बचाओ अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए लिलुआ विवेकानंद सम्मिलनी पूजा कमेटी भी आगे आयी है. यहां आने वाले श्रद्धालु सिर्फ मां दुर्गा का दर्शन ही नहीं करेंगे, बल्कि मंडप में प्रवेश करते ही उन्हें एक संदेश दिया जायेगा कि भ्रूण हत्या नहीं करें. बेटियों को कोख में नहीं मारें. इस बार पूजा कमेटी की थीम भ्रूण हत्या रोकना है. साथ ही डेंगू पर कैसे काबू पायें, इसकी भी जानकारी पंडाल के बाहर श्रद्धालुओं को दी जायेगी. पंडाल के अंदर एक विशाल ऑक्टोपस (एक तरह का समुद्री जीव) बनाया जा रहा है.
श्रद्धालुओं को दिखाने की कोशिश की जा रही है कि किस तरह ऑक्टोपस भ्रूण हत्या कर रहा है और मां दुर्गा इस समुद्री जीव से बेटियों को कैसे बचा रही हैं. पंडाल के अंदर चारों तरफ भ्रूण (शीशे में बंद) लटकते नजर आयेंगे. यह जानकारी कमेटी के सचिव अनिल अग्रवाल ने दी. पूजा कमेटी के अध्यक्ष हैं सुरेंद्र छापरिया.
