कोलकाता : केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश के किसान आज आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है. किसान अपनी समस्याओं में इस कदर उलझ रहा है कि वह आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है. ये बातें माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने शनिवार को रानी रासमणि एवेन्यू में पश्चिम बंगाल प्रादेशिक किसान सभा की ओर से आयोजित एक सभा में कहीं. इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये हुए किसान एकत्रित हुए थे.
यहां किसानाें की ऋझा माफी, ऋण नहीं दे पाने से परेशान होकर आत्महत्या करनेवाले किसानों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने के अलावा किसानों व खेत मजदूरों के लिए साल में 200 दिन रोजगार देने संबंधी मांगों को लागू करने की केंद्र व राज्य सरकार से मांग करते हुए लंबी लड़ाई लड़ने का एलान किया गया.
इस मौके पर मौजूद वक्ताओं में पूर्व सांसद हन्नान मोल्ला, अनादि साहू समेत कई वामपंथी नेता मौजूद थे. प्रादेशिक किसान सभा की ओर से हाल ही में ऋण व कृषि समस्याओं मसलन फसल खराब होने व ऋण नहीं चुका पाने से परेशान होकर
