कोई तो इन बच्चों की तकलीफ समझे!

स्कूल के लिए रोज आठ किमी की करते हैं पदयात्रा : पढ़ने जाने के लिए आठ-आठ किलोमीटर पैदल चलना. सुनने में बाप-दादा के जमाने का किस्सा लगता है, लेकिन यह हकीकत है जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा ब्लॉक स्थित गठिया चाय बागान के बच्चों की. उन्हें लुकसान के लाल बहादुर शास्त्री स्मारक बांग्ला हिंदी उच्च विद्यालय […]

स्कूल के लिए रोज आठ किमी की करते हैं पदयात्रा : पढ़ने जाने के लिए आठ-आठ किलोमीटर पैदल चलना. सुनने में बाप-दादा के जमाने का किस्सा लगता है, लेकिन यह हकीकत है जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा ब्लॉक स्थित गठिया चाय बागान के बच्चों की.

उन्हें लुकसान के लाल बहादुर शास्त्री स्मारक बांग्ला हिंदी उच्च विद्यालय में पढ़ने के लिए रोज आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. मानसून के समय यह सफर और भी तकलीफदेह हो जाता है.
कई बच्चे इसके चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके हैं. अन्य बागानों के बच्चे इस स्कूल में बस से आते हैं, लेकिन गाठिया चाय बागान प्रबंधन का कहना है कि उसकी माली हालत बस उपलब्ध कराने लायक नहीं है. अब बच्चों को इंतजार है कि शासन, प्रशासन, समाजसेवी कोई तो उनकी तकलीफ समझेंगे.

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