कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सरकारी परियोजनाओं को लेकर राज्यव्यापी रिश्वतखोरी यानी ‘कटमनी’ का मुद्दा अब बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास तक जा पहुंचा है. मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री के आवास से थोड़ी दूरी पर हाजरा मोड़ के पास व्यापक विरोध प्रदर्शन किया है.
इसमें पार्टी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष देवजीत सरकार, भाजपा के महासचिव सायंतन बसु और पश्चिम मेदिनीपुर की पूर्व एसपी तथा घाटाल लोकसभा केंद्र की उम्मीदवार रही भारती घोष के नेतृत्व में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाजरा मोड़ पर विरोध प्रदर्शन किया. ये लोग मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया.
इनके हाथ में बैनर पोस्टर और कटआउट था जिस पर लिखा गया था, ‘ममता बनर्जी ने रिश्वत ली है, पैसे लौटाओ, पैसे लौटाओ.’
सायंतन बसु ने कहा कि ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के निचले दर्जे के नेताओं को निर्देश दिया है कि राज्य भर में सरकारी परियोजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के एवज में जो घूस ली है उसका 25 फीसदी लौटा दें. लेकिन बाकी का 75 फीसदी कहां गया? वह राशि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी और अन्य शीर्ष नेताओं की जेब में गया है. ये रुपये जल्द से जल्द लोगों को लौटाया जाना चाहिए.
सायंतन ने कहा कि यह राज्यव्यापी व्यापक भ्रष्टाचार का मुद्दा है. अरबों रुपये का सरकारी फंड लूट लिया गया है. इसकी जांच होनी चाहिए. भाजपा नेताओं ने पहले ही साफ कर दिया है कि कटमनी के मुद्दे पर पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन होगा. अब इसकी आंच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास तक पहुंच चुकी है.
एक दौर में ममता बनर्जी के बेहद करीबी रही आइपीएस भारती घोष ने कहा कि कटमनी लौटाने का निर्देश देकर मुख्यमंत्री केवल ड्रामा कर रही हैं. एक तरफ से वह पार्टी नेताओं को लोगों को रिश्वत की राशि लौटाने को कह रही हैं, जबकि दूसरी ओर राज्य पुलिस को निर्देश दिया गया है कि जिन लोगों ने भी पार्टी नेताओं की रिश्वतखोरी के बारे में शिकायत की है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये. ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई लोगों को जेल में बंद कर दिया गया है, जिन्होंने कटमनी की मांग पर तृणमूल नेताओं का घेराव किया था.
