मुख्य बातें
Bengal Election: मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा में कांग्रेस पंचायत समिति सदस्य नशेदा खातून के पति मोर्तुज आलम पर जानलेवा हमला हुआ है. इस मामले में पंचायत समिति सदस्य ने तृणमूल कार्यकर्ता के खिलाफ शिकायत की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति को घर से घसीट कर तृणमूल कार्यकर्ता ले गये और बाहर में लोहे की रॉड से पिटाई की. उनके पति के सिर और आंखों में गंभीर चोटें आयीं हैं. उन्हें गंभीर हालत में चंचल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना मालदा के चंचल पुलिस स्टेशन के शाहबाजपुर गांव में हुई.
पहले भी मिलती रही है धमकी
घायल नेता की पत्नी नशेदा खातून ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पहले भी उनके पति के साथ दुर्व्यवहार किया था. आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ता राजेश और मिराज सोमवार रात घर में घुस आए, उनके पति को बाहर घसीटकर लाए और उनकी जमकर पिटाई की. उन्हें लोहे की रॉड से पीटा गया और उनका सिर फोड़ दिया गया. इलाके में कांग्रेस और तृणमूल के बीच कई दिनों से तनाव चल रहा था. घटना की खबर मिलते ही जिला कांग्रेस महासचिव अंजरुल हक और चंचल विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार आसिफ महबूब समेत पार्टी नेतृत्व अस्पताल पहुंचा.
तृणमूल कांग्रेस का खंडन
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तृणमूल के ‘गुंडों के गिरोह’ ने सुनियोजित तरीके से हमला किया. उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. हालांकि, तृणमूल ने सभी आरोपों का खंडन किया है. मालदा जिला तृणमूल महासचिव रफीकुल हुसैन ने दावा किया कि यह कांग्रेस के भीतर गुटबाजी का नतीजा है. तृणमूल का इस घटना से कोई संबंध नहीं है. घायल व्यक्ति की पत्नी नशेदा खातून ने कहा- वे काफी समय से घर के पास हंगामा कर रहे थे. वे उसे गाली दे रहे थे. राजेश के पिता राजेश आज उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे थे. वे सभी तृणमूल के सदस्य हैं.
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पुराने मामले में चल रहा है विवाद
कांग्रेस उम्मीदवार महबूब खंड ने कहा- मोर्तुजा पर हमला हुआ. एक पुराने मामले में सुनवाई चल रही थी. वहां कुछ गड़बड़ थी. आरोपियों ने यह काम किया. हमलावर इलाके में कई बेईमानी भरी गतिविधियों में शामिल हैं. तृणमूल के जिला महासचिव रफीकुल हुसैन ने कहा- कांग्रेस में विवाद चल रहा है. मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि यह घटना किसी तृणमूल कार्यकर्ता के साथ हुई है या नहीं, लेकिन जो हुआ है वह बुरा है. हम भी इसे देख रहे हैं. हम चुनाव से पहले ऐसी हिंसा नहीं होने देना चाहते.
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