सरकारी स्कूलों में बच्चों की सेफ्टी व सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी, एक सराहनीय कदम
हेडमास्टरों ने कहा, स्कूलों की स्थिति जानने के लिए नियमित निरीक्षण-अनिवार्य
कोलकाता : कोलकाता-पश्चिम बंगाल के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के प्रस्ताव पर अमल करते हुए स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व सेफ्टी के लिए नयी गाइडलाइन जारी की है. इस गाइडलाइन को लेकर स्कूलों के हेडमास्टरों की अलग-अलग राय है. कुछ हेडमास्टरों का कहना है कि सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलों में वैसा इन्फ्रास्ट्रक्चर ही नहीं है कि गाइडलाइन में जारी व्यवस्था को शुरू किया जा सके.
निजी स्कूलों में कई तरह की सुविधाएं होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. कई सरकारी स्कूलों में तो सीसीटीवी कैमरा ही नहीं है. इन स्कूलों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां पर्याप्त शिक्षक ही नहीं हैं. शिक्षकों के अलावा ग्रुप डी, सफाई महिला कर्मचारी व क्लर्क आदि का भी पद रिक्त है. इस विषय में बंगीय शिक्षा ओ शिक्षा कर्मी समिति के सह सचिव सपन मंडल का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए इस तरह की गाइडलाइन एक अच्छा कदम है, यह पहले भी जारी की गयी थी.
इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्कूलों के एकेडमिक स्तर व व्यवस्था को देखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण ही नहीं किया जाता है तो स्कूलों की वास्तविक स्थिति को विभाग कैसे समझ सकता है. स्टूडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करने की बात गाइडलाइन में कही गयी है, यह उचित कदम है लेकिन स्कूलों में माैजूद इन्फ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त नहीं है.
