बड़बोलेपन के कारण हुआ था व्यवसायी का अपहरण

न्यू अलीपुर इलाके में ट्रेवल्स एजेंट व्यावसायी के अपरहण का मामला... गिरफ्तार आरोपियों ने बताया : 800 करोड़ की संपत्ति का डींग हांकता था अपहृत व्यापारी नेपाल व कोलकाता में काफी प्रॉपर्टी होने की करता रहता था बातें यही सुन कर आरोपियों ने 200 करोड़ मांगने की रची थी साजिश कोलकाता : सेना व पुलिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 29, 2019 1:34 AM

न्यू अलीपुर इलाके में ट्रेवल्स एजेंट व्यावसायी के अपरहण का मामला

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया : 800 करोड़ की संपत्ति का डींग हांकता था अपहृत व्यापारी
नेपाल व कोलकाता में काफी प्रॉपर्टी होने की करता रहता था बातें
यही सुन कर आरोपियों ने 200 करोड़ मांगने की रची थी साजिश
कोलकाता : सेना व पुलिस का पोशाक पहन कर बुधवार दोपहर को दक्षिण 24 परगना के बाटानगर केनिवासी अरिंदम धर नामक एक ट्रैवल्स कंपनी के मालिक का अपहरण करने की कोशिश में गिरफ्तार पांच बदमाशों से प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को कई बातें पता चली हैं. गिरफ्तार आरोपियों में संजय राॅय उर्फ लेबू संजय, राजा दत्ता, शंभु सोनी, परिमल रॉय और तपन साहा में से तपन साहा अरिंदम धर के दोस्त का काफी करीबी है.
उसने बताया कि नेपाल में अरिंदम धर अक्सर व्यापार के बारे में कहता रहता था. अक्सर वह 800 करोड़ रुपये का व्यावसायी होने की बात कहता था. कोलकाता के अलावा नेपाल में उसका कसीनो काफी प्रसिद्ध था. हाल ही में कोलकाता में भी उसने ट्रैवल्स कंपनी खोली थी. यह सुनते-सुनते तपन ने अरिंदम के अपहरण की साजिश रची.
अरिंदम का अपहरण कर 200 करोड़ मांगने और उस रुपये का 40 प्रतिशत उन्हें देने की बात कह कर तपन ने छटे बदमाशों को अरिंदम के अपहरण के लिए राजी किया. सेना व पुलिस का पोशाक पहन कर सभी अपहर्ता खुद को लालबाजार के टेररिस्ट सेल का अधिकारी बता कर अपहरण किये थे.
अपहरण के समय अरिंदम ने कहा कि न्यू अलीपुर इलाके में उसके दफ्तर में 20 लाख रुपये रखे हैं. उस दफ्तर का वॉल्ट उसी की फिंगरप्रिंट से खुलता है. उस दफ्तर में सिर्फ एक कर्मचारी है. यह जान कर अपहर्ता अरिंदम को लेकर रुपये लेने के लिए न्यू अलीपुर इलाके में उसके दफ्तर में आये थे. इसी समय अंदर 6-7 कर्मकारियों को देख कर सभी चौंक गये और फायरिंग कर दी. पुलिस का कहना है कि बड़े आकार में व्यापार 800 करोड़ का मालिक होना, ऐसी बातें लोगों को बता कर अरिंदम ने मुसीबत मोल ली थी.