सुरक्षा पर राज्य सरकार ने क्या कदम उठाये हैं

कोलकाता : शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में दसवीं की छात्रा के खुदकुशी करने के मामले में गुरुवार को कलकत्ता हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान न्यायाधीश प्रतीक प्रताप बनर्जी ने इसी स्कूल में 2017 में यौन उत्पीड़न की घटना का उल्लेख कर कई सवाल किये. अदालत ने पूछा कि राज्य सरकार ने स्कूलों […]

कोलकाता : शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में दसवीं की छात्रा के खुदकुशी करने के मामले में गुरुवार को कलकत्ता हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान न्यायाधीश प्रतीक प्रताप बनर्जी ने इसी स्कूल में 2017 में यौन उत्पीड़न की घटना का उल्लेख कर कई सवाल किये. अदालत ने पूछा कि राज्य सरकार ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाये हैं. अदालत ने यह भी जानना चाहा कि हाल में दसवीं की छात्रा कृतिका पाल के मामले में अब तक क्या प्रगति हुई है.

गौरतलब है कि शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में 2017 में एक बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की घटना हुई थी. दूसरी तरफ, इसी स्कूल की छात्रा कृतिका पाल कुछ दिनों पूर्व स्कूल के शौचालय में मृत मिली थी. शव के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था. न्यायाधीश ने राज्य सरकार को दोनों ही मामलों से संबंधित जानकारी सील बंद लिफाफे में 22 जुलाई तक अदालत में जमा करने के निर्देश दिये.

ला मॉर्टिनियर स्कूल के प्रिंसिपल और सचिव को नोटिस : उधर, हाइकोर्ट ने ला मॉर्टिनियर स्कूल की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की. सीआइएसएफ की रिपोर्ट पर अदालत ने यह चिंता जाहिर की. कोर्ट ने स्कूल के सचिव और प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है. स्कूलों में सुरक्षा संबंधी मामलों की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी. याचिकाकर्ता प्रियंका टिबरेवाल ने अदालत से मामले में शीघ्र सुनवाई की अपील करते हुए स्कूलों में सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाये हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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