नहीं रुक रही सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र फैलाने की वारदात
परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद वायरल हो गया था इतिहास का प्रश्नपत्र
कोलकाता : माध्यमिक परीक्षा के तीसरे दिन शुक्रवार को भी परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल हो गया. इस दिन इतिहास की परीक्षा थी. इससे पहले हुई दो परीक्षाओं के दौरान भी सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल हुए थे. शुक्रवार को लगातार तीसरी परीक्षा का प्रश्नपत्र वायरल होने की सूचना पाकर शिक्षकों व अभिभावकों में खलबली मच गयी. जानकारी के अनुसार, परीक्षा दोपहर 12 बजे शुरु हुई. इसके आधे घंटे के बाद ही कई लोगों ने चल रही परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर देखा.
हालांकि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष या सचिव की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गयी है, लेकिन शिक्षा जगत में लगातार तीन बार परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर जारी होने से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की किरकिरी हुई है. शिक्षक संगठनों का कहना है कि आखिर बोर्ड की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था व नयी गाइडलाइन जारी करने के बाद भी इस तरह की घटनाएं कैसे हो रही हैं. परीक्षा शुरू होने के साथ ही प्रश्नपत्र कैसे सोशल मीडिया पर आ जाता है, इसको लेकर विद्यार्थी दहशत में हैं. उनके मन में अलग-अलग भ्रांतियां पैदा हो रही हैं. माध्यमिक की परीक्षा देने वाले बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान हो रहे हैं. इस तरह की खबरों से अफवाह फैल रही है. सेकेंडरी टीचर्स एंड इंपलॉइज एसोसिएशन के महासचिव विश्वजीत मित्रा का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र काैन डाल रहा है, इसको बोर्ड को देखना चाहिए. इसको पेपर लीक होना तो नहीं कहा जा सकता है, लेकिन पेपर के इस तरह से वाइरल होने से भी विद्यार्थियों में कई तरह के भ्रम पैदा हो रहे हैं. बोर्ड की व्यवस्था पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं.
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को इसके खिलाफ साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट दर्ज करवानी चाहिए. आखिर इस तरह की चीजें लगातार क्यों हो रही हैं. इसमें जो भी दोषी है, उसको पकड़ा जाना चाहिए. बंगीय शिक्षा-ओ-शिक्षाकर्मी समिति के सह सचिव सपन मंडल का कहना है कि माध्यमिक परीक्षा शुरू होने के साथ ही तीनों परीक्षाओं को लेकर इस तरह पेपर का सोशल मीडिया पर वायरल होना बहुत शर्मनाक है.
ऐसा इतिहास में कभी हुआ नहीं है, जबकि इस बार माध्यमिक बोर्ड ने काफी कड़े इंतजाम किये थे. मोबाइल रखने की किसी को अनुमति नहीं थी. इसके बावजूद पेपर वायरल कैसे हो रहे हैं. विद्यार्थी व अभिभावक इससे काफी परेशान हो रहे हैं. इस संबंध में जब बोर्ड कार्यालय में संपर्क किया गया तो कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ.
