जवानों की सुरक्षा से खिलवाड़ क्यों

रोष : शहीद बबलू सांतरा की विधवा ने किया सवाल सरकार से की अपील : इस बार शहीदों की शहादत को जाया नहीं होने दिया जाये हावड़ा : फूट-फूट कर रोते हुए शहीद बबलू सांतरा की विधवा मीता सांतरा ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सभी दलों के राजनेता शोर मचाते हैं, बड़ी-बड़ी […]

रोष : शहीद बबलू सांतरा की विधवा ने किया सवाल

सरकार से की अपील : इस बार शहीदों की शहादत को जाया नहीं होने दिया जाये
हावड़ा : फूट-फूट कर रोते हुए शहीद बबलू सांतरा की विधवा मीता सांतरा ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सभी दलों के राजनेता शोर मचाते हैं, बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन फौजियों की सुरक्षा के लिए सरकार क्या कर रही है. आतंकवादी हमलों के बाद एक ही बात वर्षों से सुनती आयी हूं कि शहीदों की शहादत हम नहीं भूलेंगे. इसके बाद सब कुछ सामान्य हो जाता है. भारत सरकार से अपील है कि इस बार वह शहीदों की शहादत को जाया नहीं जाने दिया जाय.
पिता की मौत के बाद बबलू पर थी परिवार की जिम्मेदारी
बबलू बचपन से पढ़ने में मेधावी था. 13 वर्ष की उम्र में सिर से पिता का साया उठ गया. परिवार की पूरी जिम्मेवारी बबलू पर थी. परिवार के भरण-पोषण के लिए घर के नजदीक बाजार में बबलू ने मछली बेचना शुरू किया. खेलकूद में भी वह तेज था. दौड़ लगाने में वह माहिर था. मेहनत रंग लायी और वर्ष 1999 में बबलू को सीआरपीएफ में नौकरी मिली. शुरुआत में विभिन्न हवाई अड्डों पर उसकी तैनाती हुई. इसी बीच उसकी शादी हुई. पत्नी मीता स्थानीय एक निजी स्कूल में शिक्षक है. छुट्टी से जाने के बाद कुछ दिनों पहले ट्रेनिंग के लिए उसे हिमाचल प्रदेश भेजा गया. परिजनों के अनुसार, शनिवार बबलू जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए थे. गुरुवार शाम जम्मू-कश्मीर के अनंतपुरा सेक्टर जाते हुए आतंकवादियों ने सीआरपीएफ जवानों की गाड़ी पर हमला कर दिया. इसी हमले में बबलू सांतरा सहित अन्य जवान शहीद हो गये.

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