कोलकाता : प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें लगता है कि वह जंतर-मंतर पर धरना में शामिल होकर वहां की मुख्य आकर्षण बन गयी हैं. वह विपक्ष का चेहरा बन गयी हैं. हकीकत में एेसा नहीं है, क्योंकि […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कोलकाता : प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें लगता है कि वह जंतर-मंतर पर धरना में शामिल होकर वहां की मुख्य आकर्षण बन गयी हैं. वह विपक्ष का चेहरा बन गयी हैं.
हकीकत में एेसा नहीं है, क्योंकि भाजपा की मजबूत स्थिति को देखते हुए विरोधी दलों का ‘महामजबूर गठबंधन’ अब अपना वजूद बचाने की अंतिम कवायद कर रहा है. जिसकी हालत जितनी खराब है, वह उतना ही दौड़ और चिल्ला रहा है. इसका नजारा पहले कोलकाता के ब्रिगेड में दिखा और अब दिल्ली में देखने को मिला.
धरना में शामिल हुए नेशनल कांफ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला की मौजूदगी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में फारुख जम्मू कश्मीर में किसके साथ गठबंधन करेंगे और कितनी सीट जीतेंगे. गठबंधन में उनकी हैसियत क्या होगी. चंद्रबाबू नायडू अपने प्रदेश से एक भी सीट नहीं जीत पायेंगे, इसका आभास उन्हें हो गया है.
इसलिए वह पाला बदलते हुए अब कांग्रेस की शरण में जाने की फिराक में हैं. पश्चिम बंगाल में तृणमूल- कांग्रेस व वाममोर्चा के साथ गठबंधन का प्रारूप क्या होगा. क्या तीनों मिलकर चुनाव लड़ेंगे या गठबंधन के बैनर तले लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि महागठबंधन का कोई नेता नहीं है. सब अपनी ढफली और अपना राग अलाप रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकल्प कौन है, यह नाम बताने में गठबंधन का पसीना छूट रहा है. उन्होंने प्रियंका गांधी के राजनीति में प्रवेश की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दरअसल वह पिछले 20 वर्षों से राजनीति कर रही हैं. वह अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस के चुनाव प्रचार की कमान संभालती आ रही हैं. ऐसे में इवेंट मैनेजमेेंट द्वारा उनको नये सिरे से पेश किया जा रहा है. सुंदर चेहरे से चुनाव नहीं जीता जा सकता.