कोलकाता : वाममोर्चा ने रविवार को ब्रिगेड परेड मैदान में एकबड़ी सभा की. वाम नेताओं ने केंद्र में सत्तारूढ़ राजग और राज्य में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बिगुल फूंका. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने केंद्र से मोदी सरकार को हटा कर वैकिल्पक सरकार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ब्रिगेड सभा में लोगों की उमड़ी भीड़ से स्पष्ट हो गया है कि जनता देश से भाजपा और राज्य से तृणमूल कांग्रेस को हटाने के पक्ष में है. ‘चौकीदार’ (मोदी) को हटाने के लिये तमाम वाम दलों ने इरादा कर लिया है.
कोलकाता : चौकीदार’ को हटा वैकल्पिक सरकार बनायेंगे : येचुरी
कोलकाता : वाममोर्चा ने रविवार को ब्रिगेड परेड मैदान में एकबड़ी सभा की. वाम नेताओं ने केंद्र में सत्तारूढ़ राजग और राज्य में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बिगुल फूंका. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने केंद्र से मोदी सरकार को हटा कर वैकिल्पक सरकार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ब्रिगेड सभा में लोगों की […]

येचुरी ने कहा है कि मौजूदा समय में देशवासियों को नेता नहीं बल्कि सही नीतियों की जरूरत है. यदि लोगों को मतदान करने से रोका जायेगा, जनहित के आंदोलन को रोकने की कोशिश की गयी तो विरोध की आग जलेगी. बेहतर भारत बनाने के लिये देश से भाजपा सरकार को हटाना होगा. इसी तरह बेहतर पश्चिम बंगाल के लिये राज्य से तृणमूल कांग्रेस को हटाने की जरूरत है.
उन्होंने कहा: भाजपा की नीतियों से देश की जनता बर्बाद हो रही है. पिछले पांच सालों के अंदर अन्नदाताओं के आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आयी हैं. नोटबंदी, जीएसटी से लाखों कारोबार बंद गये हैं. रोजगार जिनके पास थे, वे बेरोजगार हो गये हैं.
बैंकों में घोटाले हुए और बैंकों को लूटा गया. देश की आम जनता को भुखमरी में ढकेला जा रहा है. पूरे देश में लूट चल रही है. उन्होंने कहा कि देश में सांप्रदायिक भेदभाव को बढ़ाया जा रहा है. पूरे देश में नफरत और हिंसा का वातावरण बनाया जा रहा है. असम में सिटीजनशिप एक्ट के नाम से अल्पसंख्यकों के अंदर असुरक्षा की भावना पैदा की जा रही है.
मोदी सरकार की नीतियां देश को बर्बाद कर रही है. देश को नेता नहीं, नीति चाहिए. यह नीति मोदी नहीं ला सकते हैं. यह वामपंथी ला सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे चौकीदार हैं जिनके शासन में देश में लूट और सांप्रदायिकता चहुंओर फैली हुई है और ऐसे में केंद्र में वैकल्पिक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक सरकार का गठन करना जरूरी है.
अंतरिम बजट महज चुनावी जुमला : अंतरिम बजट को ‘जुमला’ करार देते हुए येचुरी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पेश किये जाने वाले अंतरिम बजट में किसानों को हर महीने 500 रुपये देने की घोषणा से पता चलता है कि सरकार अपने ही देश के किसानों के संकट से वाकिफ नहीं है. यदि किसी किसान परिवार में पांच सदस्य हैं तो इस घोषाणा के तहत हर सदस्य को तीन रुपये प्रतिदिन मिलेगा. यह इस बात का सबूत है कि मोदी सरकार ग्रामीण संकट से कितनी दूर है.
सारे वायदे साबित हुए झूठे :ब्रिगेड सभा में वामपंथी नेताओं ने मोदी सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार दस करोड़ रोजगार देने, 100 स्मार्ट शहर बनाने, किसानों की आय दोगुनी करने और हर व्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा कराने के वायदे के साथ सत्ता में आयी थी. लेकिन वायदे क्या पूरे हुए? सारे वायदे झूठे निकले, जनता सच जान चुकी है. अब लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कामयाब नहीं होगी.
वृहत्तर वामपंथी एकता का आह्वान :
ब्रिगेड सभा के दौरान राज्य में वाममोर्चा में शामिल और उसके बाहर रहने वाले वामपंथी दलों ने वृहत्तर वामपंथी एकता का आह्वान किया गया है. उन्होंने वामपंथी पार्टियों को एकजुट होकर भाजपा और तृणमूल से मुकाबला करने का आह्वान किया है. सभा का संचालन वाममोर्चा के चेयरमैन विमान बसु ने किया जबकि भाकपा के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के महासचिव देवव्रत विश्वास, आरएसपी नेता क्षिति गोस्वामी, भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य व सांसद मोहम्मद सलीम, माकपा के प्रदेश सचिव डॉ सूर्यकांत मिश्रा ने वक्तव्य रखा.
अस्वस्थता के बावजूद ब्रिगेड पहुंचे बुद्धदेव
पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य अस्वस्थता के बावजूद समर्थकों में उत्साह बढ़ाने के लिये ब्रिगेड सभा में पहुंचे. लेकिन कोई भाषण नहीं दिया. उनके साथ उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य भी थीं. श्री भट्टाचार्य ब्रिगेड के मंच पर नहीं गये और अपनी गाड़ी में ही बैठे रहे. लगभग आधे घंटे तक ब्रिगेड मैदान में रहने के बाद वह अपने घर वापस लौट गये. सभा में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के शामिल होने की बात थी लेकिन खराब स्वास्थ्य की वजह से वे सभा में नहीं आ पाये.