भारत चेंबर आॅफ कॉमर्स
कोलकाता : चुनाव से पहले हर बजट का फोकस आर्थिक कम राजनीतिक अधिक होता है. यह बजट भी ठीक वैसा ही है. इसमें मध्यमवर्ग व किसानों का खास ध्यान रखा गया है. इससे राजस्व वसूली में वृद्धि होगी. जिसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. अंतरिम बजट 2019 पर चर्चा के दौरान भारत चेंबर आॅफ कामर्स के अध्यक्ष सीताराम शर्मा ने ये बातें कही. उन्होंने कहा कि इसमें उद्योग धंधों खासकर उत्पादन क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया गया है. इसमें कारपोरेट टैक्स में काेई कमी नहीं की गयी है.
बेरोजगारी की समस्या को दूर करने 13 करोड़ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का ध्यान रखने की जरुरत थी. जिसका सीधा संबंध उत्पादन क्षेत्र से है. लेकिन किसानों के खाते में 6 हजार देने की घोषणा स्वागतयोग्य है. इससे 12 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. लेकिन यह किसानों के आत्महत्या या असंतोष को कम करने का समाधान नहीं है. इस सरकार ने मुद्रास्फीति व राजकोषिय घाटे पर नियंत्रण रखने का कार्य किया है, जिसमें आगे भी संतुलन बनाए रखने की जरुरत है. आवासीय परियोजनाओं के लिए भी सरकार ने बजट में ध्यान रखा है. जिसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक होगा.
हरि प्रसाद बुधिया : पैटन समूह के संस्थापक हरि प्रसाद बुधिया ने बजट को मध्यमवर्ग व किसानों के लिए उपयोगी बताया. बजट में चुनाव का खास ध्यान रखा गया है. केंद्र सरकार को उत्पादन क्षेत्र के लिए विशेष पहल करने की जरुरत थी.
रामअवतार गुप्ता : उद्योगपति रामअवतार गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार ने लुभावना बजट पेश किया है. जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिख रहा है. सरकार को मुद्रास्फीति व बेरोजगारी दूर करने पर ध्यान देना चाहिए.
