कोलकाता : आवारा कुत्ते-बिल्लियों को पकड़ने का अभियान शुरू

कोलकाता : आजकल महानगर में कुत्ते-बिल्लियों का आतंक सुर्खियों में हैं. हालात यह हैं कि अब सभी सरकारी अस्पतालों में ये कुत्ते-बिल्लियां भी बेखौफ घूमते नजर आ जाते हैं. जहां कुत्तेल परिसर में लोगों को तंग करते हैं वहीं बिल्लियां इन से दो कदम आगे निकल कर इमरजेंसी व इंडोर वार्ड से लेकर जांच केंद्रों […]

कोलकाता : आजकल महानगर में कुत्ते-बिल्लियों का आतंक सुर्खियों में हैं. हालात यह हैं कि अब सभी सरकारी अस्पतालों में ये कुत्ते-बिल्लियां भी बेखौफ घूमते नजर आ जाते हैं. जहां कुत्तेल परिसर में लोगों को तंग करते हैं वहीं बिल्लियां इन से दो कदम आगे निकल कर इमरजेंसी व इंडोर वार्ड से लेकर जांच केंद्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती फिर रही हैं.

इतना ही नहीं बड़ी शान से यह भर्ती हुए मरीजों का खाना जूठा करके चली आती हैं. नील रतन सरकारअस्पता(एनआरएस) मेडिकल कॉलेज में तो कुत्ते-बिल्लियों ने बहुत कोहराम मचा रखा है. पिछले दिनों यहां एक बच्चे को कुत्ते ने काट दिया. वहीं एसएसकेएम के इमरजेंसी इंडोर विभाग में भर्ती दो मरीजों को बिल्लियों ने काट लिया. कुत्तों के इस आतंक से तंग आकर पिछले दिनों एनआरएस की नर्सिंग कॉलेज में पढ़नेवाली छात्राओं ने करीब 16 पिल्लों को एक साथ मार दिया.

इसी के मद्देनजर कोलकाता नगर निगम की ओर से कुत्तों को पकड़ने व नसबंदी करने का अभियान शुरू कर दिया गया है. शुक्रवार को डिप्टी मेयर अतिन घोष की उपस्थित में निगम कर्मियों ने एनआरएस मेडिकल कॉलेज से 17 आवारा कुत्तों को पकड़ा. जिनकी नसबंदी व टीकाकरण कर उन्हें छोड़ दिया जायेगा. हालांकि निगम के इस अभियान के खिलाफ पशु प्रेमी रत्ना मंडल ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए आत्महत्या की धमकी भी दी.
उन्होंने निगम पर आरोप लगाते हुए कहा कि निगमकर्मी बर्बरता कर रहे हैं. वह वैसे कुत्तों को पकड़ रहे हैं जिनकी नसबंदी हो चुकी है. हालांकि अतिन घोष ने पशुओं के प्रति रत्ना की संवेदना को समझते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि निगम पशुओं के साथ निगम कोई ज्यादती नहीं करेगा.
बिल्ली को लेकर पसोपेश में कोलकाता नगर निगम
डिप्टी मेयर अतिन घोष ने कहा कि बिल्लियों को लेकर निगम काफी पेशोपेश में हैं क्योंकि निगम यह निर्धारित नहीं कर पा रहा है कि अस्पताल परिसर में घूम रहीं बिल्लियां पालतू हैं या आवारा?
इसलिए निगम जल्द ही केंद्र के पशुपालन विभाग से इस बाबत पूरी जानकारी लेगा कि उनके पास बिल्लियों के बर्थ कंट्रोल को लेकर कोई योजना या कानून है क्या? पूरी जानकारी के बाद बिल्लियों की धर-पकड़ का भी अभियान चलाया जायेगा.

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