नोटिस भेजने के बाद भी खास सफलता नहीं मिली : एमआइसी

कोलकाता: शहर को सुंदर बनाने के लिए कोलकाता नगर निगम ने कई इलाकों को नो एडवरटाइजमेंट जोन (नो होर्डिग जोन) घोषित कर रखा है. इनमें बीबीडी बाग (डलहौजी), धर्मतला, पार्क सर्कस, ईएम बाइपास इत्यादि शामिल हैं. अब एक्साइड मोड़ से विद्यासागर सेतु तक भी विज्ञापन के होर्डिग नहीं लगाये जायेंगे. इस फैसले के बाद विज्ञापन […]

कोलकाता: शहर को सुंदर बनाने के लिए कोलकाता नगर निगम ने कई इलाकों को नो एडवरटाइजमेंट जोन (नो होर्डिग जोन) घोषित कर रखा है. इनमें बीबीडी बाग (डलहौजी), धर्मतला, पार्क सर्कस, ईएम बाइपास इत्यादि शामिल हैं.

अब एक्साइड मोड़ से विद्यासागर सेतु तक भी विज्ञापन के होर्डिग नहीं लगाये जायेंगे. इस फैसले के बाद विज्ञापन के होर्डिग तो हटा लिये गये, पर उनके ढांचे महीनों से यूं ही झूल रहे हैं. छतों पर इन होर्डिंग के ढांचे को बेहद खतरनाक तरीके से लगाया गया है, जिनसे कभी भी कोई हादसा हो सकता है. इस संबंध में निगम का ध्यान आकर्षण किये जाने के बावजूद निगम प्रशासन खामोश बैठा था, पर अब जा कर उसकी नींद टूटी है. निगम जल्द ही होर्डिग के इन खतरनाक ढांचों को हटाने का काम शुरू करने जा रहा है.

जानकारों का मानना है कि अगले वर्ष होने वाले चुनाव को ध्यान में रख कर निगम ने यह फैसला लिया है. सबसे पहले धर्मतल्ला इलाके को होर्डिग के इन ढांचों से साफ किया जायेगा. बीबीडी बाग से लेकर धर्मतल्ला तक पूरे हेरिटेज एरिया में एक भी ढांचे को नहीं रखा जायेगा. इसके लिए निगम की ओर से सभी उन सभी सरकारी व गैरसरकारी इमारतों को नोटिस भेजा गया था, जहां होर्डिग के यह ढांचे अभी तक बरकरार हैं, पर कुछ खास नहीं हुआ. विभागीय मेयर परिषद सदस्य देवाशीष कुमार ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या इमारत के मालिकों की वजह से है. अधिकतर इमारतों के मालिकों के बीच कानूनी विवाद है. इसलिए नोटिस भेजे जाने के बावजूद इस काम में कोई खास सफलता नहीं मिली. श्री कुमार ने बताया कि होर्डिग के इन ढांचों को हर हाल में हटाना है. इसलिए इमारतों के मालिकों को बताना होगा कि उन्हें इसे हटाने में क्या समस्या है. मामले की जानकारी होने के बाद निगम हस्तक्षेप करेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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