कोलकाता : राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद (एनएचआरसी) ने गुरुवार और शुक्रवार यानी 13 और 14 दिसंबर को कोलकाता के कानून शिक्षा प्रतिष्ठान पश्चिम बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूडिशियल साइंसेज में आयोजित खुली सुनवाई में करीब 150 मामलों की सुनवाई करेगी.
13 दिसंबर को मानवाधिकार निगरानी के तीन अलग-अलग बेंचों द्वारा कुल 140 मामले सुने जायेंगे, जबकि अन्य मामलों की सुनवाई दूसरे दिन होगी. भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और एनएचआरसी अध्यक्ष एचएल दत्तू 48, सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष 54 और वकील ज्योतिका कालरा 38 मामले की सुनवाई करेंगी.
वहीं, 14 दिसंबर को तीनों सदस्यों सहित पूर्ण आयोग एक ही स्थान पर 10 सबसे महत्वपूर्ण मामलों को सुनेंगे. एनएचआरसी ने सामाजिक कार्यकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील राधाकांत त्रिपाठी द्वारा दायर 46 मामलों की सूची तय करने का फैसला किया है.
आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को भी नोटिस जारी किये हैं, जिसमें सुनवाई के दौरान इन अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर आयोग के सामने मौजूद होकर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है.
एनएचआरसी ने राज्य के अधिकारियों को नोटिस जारी करने के बाद सभी मामलों को सूचीबद्ध किया है और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण योजनाओं, प्राथमिक स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और संचार के लाभ, समाज के कमजोर वर्ग के अधिकार, यौन दुर्व्यवहार, राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से निवासियों की विद्युत के झटके से मौत, मैनहोल मौतों और अन्य बुनियादी मानवाधिकार मामलों पर रिपोर्ट देने का निर्देश राज्य के अधिकारियों को दिया गया.
एनएचआरसी के एक बयान में कहा गया है कि लंबित मामलों पर विचार करने और राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण मानवाधिकार मुद्दों पर चर्चा करने के लिए खुली सुनवाई की जा रही है. इसके बाद गैर सरकारी संगठनों और मुख्य सचिव, डीजीपी और वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी.
