कोलकाता : स्कूलों में नियमित कक्षाएं लें शिक्षक : पार्थ चटर्जी

नजरूल मंच में तृणमूल कांग्रेस समर्थक प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की हुई सभा कोलकाता : राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे स्कूल में बच्चों की नियमित कक्षाएं लें. बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए. रविवार को शिक्षा मंत्री नजरूल मंच में आयोजित तृणमूल कांग्रेस-नियंत्रित प्राइमरी टीचर्स […]

नजरूल मंच में तृणमूल कांग्रेस समर्थक प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की हुई सभा
कोलकाता : राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे स्कूल में बच्चों की नियमित कक्षाएं लें. बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए. रविवार को शिक्षा मंत्री नजरूल मंच में आयोजित तृणमूल कांग्रेस-नियंत्रित प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की एक सभा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति थे. शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा का स्तर व गुणवत्ता बढ़नी चाहिे, इसके लिए यह जरूरी है कि स्कूलों में नियमित कक्षाएं व अध्ययन हो. छात्रों की भी नियमित उपस्थिति होना आवश्यक है.
छात्रों की उपस्थिति का रिकार्ड रखा जाना चाहिए. एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि टीएमसी से पहले की सरकार के समय प्राथमिक शिक्षकों की स्थिति काफी खराब थी. जब से तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से 73,000 शिक्षकों की प्राथमिक स्तर पर व कई पैरा टीचर्स की भी नियुक्ति की गयी है. कुछ कॉन्ट्रेक्ट पर भी शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. बाद में इन शिक्षकों को स्थायी किया गया.
उनका कहना है कि 2019 में भी एक क्राइटेरिया के अंदर ही नियुक्ति की जायेगी, इससे पहले देखना होगा कि कितने पद खाली हैं. अपने वक्तव्य में शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा का विकास करने में शिक्षकों की महत्ती भूमिका है. अभी शिक्षा को लेकर सरकार ने कई काम किये हैं, इसका प्रचार शिक्षकों को हर इलाके में करना चाहिए. अब वह दौर नहीं है कि स्कूल के शिक्षक जो चाहें, वे मनमानी कर लेंगे या कक्षाएं छोड़ कर रैली जूलूस में चले जायेंगे. अब स्कूल की हर गतिविधि पर नजर रखी जायेगी.
नजरूल मंच में आयोजित इस सभा से कई शिक्षकों में नाराजगी भी है. कुछ शिक्षकों ने बताया कि इस सभा में मंत्री ने पीआरटी को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की. प्राइमरी टीचर्स स्केल जो अभी लागू किया गया है, उस पर राज्य सरकार शिक्षकों को वैसा वेतन नहीं दे रही है.
शिक्षकों के हित में मंत्री ने कोई घोषणा नहीं की. वहीं इस विषय में बंगीय शिक्षा ओ-शिक्षाकर्मी समिति के सह-सचिव सपन मंडल का कहना है कि उनके समगठन की ओर से हाल ही में विकास भवन में एक ज्ञापन दिया गया था. एनसीटीइ के नियमानुसार बंगाल में भी समान प्राइमरी टीचर्स स्केल देने की मांग की गयी थी, मंत्री ने 25 नवंबर को इसका जवाब इसी सभा में देने की बात कही थी लेकिन सभा में इसका जिक्र ही नहीं किया गया. शिक्षकों में इसको लेकर काफी असंतोष है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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