कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में रहने वाले हर समुदाय के लोगों का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस समुदाय के लोगों पर सरकारी सुविधाओं को पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न समुदायों के लिए भिन्न-भिन्न विकास पर्षद का भी गठन किया है. राज्य सरकार ने अब तक विभिन्न समुदायों के लिए 18 विकास पर्षद का गठन किया है, जिसके माध्यम से विशेष समुदाय के लोगों का आर्थिक व सामाजिक विकास किया जा रहा है.
कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार ने दो समुदाय के लोगों सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए अलग-अलग विकास पर्षद के गठन की घोषणा की है. राज्य के मतुआ समाज व नमोशुद्र श्रेणी के लोगों के लिए विशेष विकास पर्षद का गठन किया गया है, इससे पहले राज्य सरकार ने विभिन्न समुदायों के विकास के लिए 16 विकास पर्षद का गठन कर चुकी है, इनमें से 15 विकास पर्षद उत्तर बंगाल के विभिन्न समुदायों के विकास के लिए बनाये गये हैं.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं इन विकास पर्षद के कार्यकलाप पर नजर रखती हैं और विकास पर्षद के सभी सदस्यों का चयन भी स्वयं करती हैं. उत्तर बंगाल में विभिन्न समुदायों के लिए बनाये गये विकास पर्षदों के माध्यम से विकास की गति में भी तेजी आई है. राज्य सरकार ने इन विकास पर्षदों के लिए लगभग 25-30 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं, जिनसे इनके लिए विकासशील योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है.
