कोलकाता : कालीपूजा के दिन महानगर के दो जेलों में कैदियों के बीच पूजा कराने के लिए पंडित को लेकर खींचतान दिनभर रही. जेल सूत्र बताते हैं कि अलीपुर सेंट्रल जेल के विभिन्न वार्ड में 22 कालीपूजा आयोजित होती है. पूजा का सभी दायित्व कैदियों पर रहता है. लेकिन यहां पूजा कराने के लिए सिर्फ दो ही पंडित रखाल देबनाथ व संजय चटर्जी हैं.
उन पर 22 पूजा का दायित्व दिया गया था. इसके कारण समय-समय पर पूजा खत्म होते ही, अपने वार्ड में पूजा के लिए ले जाने को लेकर कैदी आपस में एक दूसरे से बहस भी करते नजय आये. यही नजारा अलीपुर प्रेसिडेंसी जेल का भी रहा. यहां 26 कालीपूजा विभिन्न वार्ड में आयोजित होती है.
इसमें देवाशीष बनर्जी, सुरोजीत मुखर्जी और जयंत चौधरी नामक कैदियों पर पूजा कराने का भार रहता है. इसके कारण एक वार्ड से पूजा खत्म कर निकलते ही अपने-अपने वार्ड में पहले पूजा कराने को लेकर कैदी आपस में कहासुनी पर उतारू हो जाते हैं. इसी तरह से दिनभर गरमागर्मी के माहौल के बाद अंत में सभी वार्डों में कालीपूजा शांतिपूर्वक आयोजित की गयी.
