कोलकाता : पोर्ट ट्रस्ट ने केएमसी के साथ मिलकर प्रतिमा विसर्जन में की मदद

कोलकाता : पोर्ट ट्रस्ट ने कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेशानुसार हुगली नदी में साफ-सफाई का काम आरंभ किया. यह विसर्जन की जानेवालीं प्रतिमाआें के कारण होनेवाले प्रदूषण की रोकथाम व नदी की सफाई का काम है. हुगली नदी के बाजे कदमतला व जजेज घाट के अलावा नीमतला घाट में भी वर्ष 2010 से पोर्ट ट्रस्ट केएमसी […]

कोलकाता : पोर्ट ट्रस्ट ने कलकत्ता हाइकोर्ट के आदेशानुसार हुगली नदी में साफ-सफाई का काम आरंभ किया. यह विसर्जन की जानेवालीं प्रतिमाआें के कारण होनेवाले प्रदूषण की रोकथाम व नदी की सफाई का काम है.
हुगली नदी के बाजे कदमतला व जजेज घाट के अलावा नीमतला घाट में भी वर्ष 2010 से पोर्ट ट्रस्ट केएमसी के साथ मिलकर यह काम कर रहा है. इस साल भी राज्य सरकार की आेर से 19 से 23 अक्तूबर तक विसर्जन होगा. इसके अलावा काली पूजा के लिए प्रतिमाओं के विसर्जन की तिथि सात से नौ नवंबर तक तय की गयी है. पोर्ट ट्रस्ट के पूरे कामकाज काे पर्यावरणविद सुभाष दत्ता की निगरानी में संपन्न किया जायेगा. इस पूरे कार्य में पोर्ट ट्रस्ट 19 लाख रुपये खर्च करेगा.
कामेश्वर कामेश्वरी मंदिर में कलश यात्रा
हुगली. श्रीरामपुर के माहेश इलाके की श्री कामेश्वर-कामेश्वरी मंदिर से जवांकुर सहित कलश विसर्जन यात्रा में भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया. अंकुरों का विसर्जन कर नवरात्र का समापन हुआ. मंदिर के मुख्य पुजारी विजय उपाध्याय नवरात्र की कलश शोभा यात्रा जोशी जी मंदिर से गंगा घाट तक निकाली गई. इस दौरान मंदिर के उपप्रभारी भूपेंद्र तिवारी, दुर्गा प्रसाद उपाध्याय, प्रभु दयाल उपाध्याय, श्याम सुंदर सिंह, उत्तम दास, गणपत पटेल, रूबी दा, बाबई हाजरा सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
तारकेश्वर में सिंदूर खेला
हुगली. तारकेश्वर के चांदूर इलाके की बंधु मिलन कल्याण समिति के नवम वर्ष पर आयोजित दुर्गा मंडप में विजयादशमी के दिन महिलाओं ने देवी के वरण करने के साथ ही साथ सिंदूर खेला की. इस सिंदूर खेला के अवसर पर स्थानीय समाज सेवी बबलू सामंत और संपा सामंत उपस्थित रहें. तारकेश्वर के पवित्र धाम में रहने वाले तमाम सुहागिन महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया.
विसर्जन के दौरान गंगा में डूबा युवक
हावड़ा. प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक युवक गंगा नदी में डूब गया. घटना मालीपांचघड़ा थानांतर्गत छातूबाबू घाट की है. युवका का नाम सौरभ मित्रा है. वह शिवनाथ बोस लेन का रहनेवाला था. घटना की जानकारी मिलने पर गोताखोरों ने गंगा में सौरभ की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया. विसर्जन के दौरान गंगा में ज्वार आया था जिस कारण अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और संतुलन खोने से चार युवक गंगा में बहने लगे. तीन को तो लोगों ने बचा लिया, लेकिन सौरभ का कोई पता नहीं चला.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >