आरएसएस-भाजपा इस्लामपुर की घटना के लिए जिम्मेवार : पार्थ

कोलकाता : उत्तर दिनाजपुर के दड़ीभीट हाईस्कूल में पुलिस की गोली से छात्रों के मरने की घटना के लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने इस हंगामे के लिए आरएसएस और भाजपा को जिम्मेवार ठहराया है. उन्होंने साफ कहा कि इस घटना को अंजाम देनेवालों को किसी भी कीमत में बख्शा नहीं जायेगा. इसके […]

कोलकाता : उत्तर दिनाजपुर के दड़ीभीट हाईस्कूल में पुलिस की गोली से छात्रों के मरने की घटना के लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने इस हंगामे के लिए आरएसएस और भाजपा को जिम्मेवार ठहराया है. उन्होंने साफ कहा कि इस घटना को अंजाम देनेवालों को किसी भी कीमत में बख्शा नहीं जायेगा.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे पुलिस, प्रशासन या स्कूल के प्रधानाध्यापक की कोई भूमिका है कि नहीं इस बारे में भी जांच की जायेगी और किसी भी कीमत पर दोषी व्यक्तियों को छोड़ा नहीं जायेगा. फिलहाल डीआई को सस्पेंड किया गया है. खुद मुख्यमंत्री अपने विदेश सफर के दौरान इस घटना पर चिंता जाहिर करते हुए आदेश दिया है कि मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाये.
उल्लेखनीय है कि शिक्षक नियुक्ति को लेकर गुरुवार को दड़ीभीट हाई स्कूल रणक्षेत्र बन गया था. लोग शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन की कार्रवाई को लेकर हंगामा शुरू कर दिये थे. हंगामा स्कूल में उर्दू विभाग के तीन शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ. विरोध करनेवालों का कहना है कि स्कूल में बांग्ला विषय के शिक्षक का अभाव है
लोग बार बार इसके लिए शिक्षा विभाग से मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग को अनसुनी कर महज आठ उर्दूभाषी छात्रों के लिए तीन शिक्षकों की नियुक्ति करने से लोग नाराज हो गये और हंगामा शुरू कर दिये. लोगों को बेकाबू होता देख पुलिस और रैफ को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा. लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले से काम नहीं होने पर पुलिस को गोली का सहारा लेना पड़ा.
उस घटना में विद्यालय का एक पूर्व छात्र और आईटीआई का छात्र राजेश सरकार की मौत हो गयी. विरोधियों का आरोप है कि राजेश की मौत पुलिस की गोली से हुई है. हालांकि पुलिस इससे इनकार कर रही है. मामला अब तूल पकड़ लिया है. विरोधी दल एकजुट होकर इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं. वही राज्य सरकार इसके लिए आरएसएस व भाजपा को जिम्मेवार बता रही है.
इस बाबत शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि वह पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी से बात किये और पुलिस के महानिदेशक से भी जानकारी ली. फौरी तौर पर कार्रवाई करते हुए डीआई को सस्पेंड किया गया है.
हालांकि किसी भी तरह की मौत दुखजनक होती है. स्कूल का पूर्व छात्र राजेश सरकार इस हंगामे में स्कूल क्यों गया यह समझ में नहीं आ रहा है. हत्या की राजनीति पश्चिम बंगाल में कभी किसी ने स्वीकार नहीं की और करेगा भी नहीं. कुछ लोग इस तरह की हरकत करके सत्ता में आने का प्रयास कर रहे हैं. उनका नापाक मंसूबा पूरा नहीं हो पायेगा.

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