अनियंत्रित ट्रेलर ने ली दादी-पोती की जान

हावड़ा: ट्रैफिक पुलिस के जुर्माना के डर से भाग रही एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर बाइक सवार को कुचलते हुए एक दीवार से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. दीवार की चपेट में आने से जहां एक ओर दादी व पोती की मौत हुई है, वहीं बाइक चालक गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल है. घटना शुक्रवार […]

हावड़ा: ट्रैफिक पुलिस के जुर्माना के डर से भाग रही एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर बाइक सवार को कुचलते हुए एक दीवार से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. दीवार की चपेट में आने से जहां एक ओर दादी व पोती की मौत हुई है, वहीं बाइक चालक गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल है.

घटना शुक्रवार सुबह 10.45 मिनट पर शिवपुर थाना अंतर्गत बेताईतल्ला मोड़ के पास घटी है. इस घटना के बाद उत्तेजित जनता ने जम कर बवाल मचाया व तोड़फोड़ के साथ पुलिस की दो बाइक को आग के हवाले कर दिया. हालात बेकाबू होते देख कर भारी संख्या में पुलिस, रैफ व कॉम्बैट फोर्स के जवान पहुंचे व स्थिति काबू में करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा. घटना की खबर मिलते ही डीसी (सदर) निशात परवेज सहित सिटी पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे. मृतकों के नाम आशा सिंह (50) व पिंकी सिंह (1) है, जबकि घायल बाइक आरोही का नाम अब्दुल मन्नान (40) है.

कैसे घटी घटना : बताया जाता है कि शालीमार से एक खाली ट्रेलर शिवपुर की ओर आ रही थी. ट्रैफिक पुलिस ने ट्रेलर को रोकना चाहा लेकिन यह देख कर चालक ने वाहन की गति तेज कर दी. इससे अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे खड़े एक बाइक आरोही को धक्का मारा. इसके बाद ट्रेलर सड़क किनारे एक बरगद पेड़ के पास बने बेदी को तोड़ते हुए छह फुट ऊंची दीवार से टकरा गयी. दीवार के दूसरी तरफ बस्ती इलाका है. दीवार से टकराते हुए यह ट्रेलर एक झोपड़ी के अंदर घुस गयी. टक्कर इतना जर्बदस्त था कि बस्ती में अफरा-तफरी मच गयी.

बस्तीवासियों ने चालक को पकड़ा : दीवार से टक्कर की आवाज सुनकर बस्तीवासी मौके पर पहुंचे व वहीं चालक को पकड़ कर पीटने लगे. घटनास्थल से बेताईतल्ला फांड़ी नजदीक होने पर पुलिस मौके पर पहुंची व चालक को अपने हिफाजत में लेकर फांड़ी लौट आयी. पुलिस के इस रवैये से लोगों का गुस्सा भड़क गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, घायल बाइक आरोही को अस्पताल पहुंचाने के बजाय पुलिस चालक को छुड़ा कर अपने साथ ले गयी. स्थानीय लोगों ने ही घायल बाइक आरोही को हावड़ा अस्पताल में दाखिल कराया. लोगों ने ट्रेलर को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी.

घटना के करीब 45 मिनट बाद लोगों ने देखा कि दीवार के मलबे के नीचे एक महिला का हाथ बाहर निकला हुआ है. यह देखने के बाद लोगों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया. मलबे के अंदर आशा सिंह (दादी) व पिंकी सिंह (पोती) दबी हुई थी. दोनों को हावड़ा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. दोनों की मौत की खबर मिलते ही लोगों का गुस्सा और अधिक भड़क उठा. बौखलाये लोगों ने एकत्रित होकर बेताईतल्ला फांड़ी पहुंचकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. फांड़ी के बाहर खड़ी पुलिस की दो बाइक व एक साइकिल को आग के हवाले कर दिया. मौके पर पुलिस, रैफ व कॉम्बैट फोर्स के जवान पहुंचे व लाठी चार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया. लाठी चार्ज व इस घटना के प्रतिवाद में बस्तीवासियों ने बेताइतल्ला मोड़ पर पथावरोध शुरू कर दिया. एक बार फिर से स्थिति बिगड़ गयी. वहां भी पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.

झोपड़ी में रहनेवाली बच्ची सुरक्षित : ट्रेलर दीवार से टकराने के बाद जिस झोपड़ी में जाकर घुसी थी, उसमें नीलम सिंह नामक एक नौ वर्षीय बच्ची अकेली थी, लेकिन वह बाल-बाल बच गयी. वहीं आशा सिंह पोता प्रेम सिंह को टय़ूशन छोड़ कर घर लौट रही थी. पोती पिंकी उसके गोद में थी. वह दोनों दीवार के चपेट में आ गयी.

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