नामांकन से पहले ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कालीघाट स्थित अपने आवास से अलीपुर सर्वे बिल्डिंग तक एक लंबी पदयात्रा की, जो पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन में बदल गयी.
इस पदयात्रा के जरिये तृणमूल ने साफ संकेत दिया कि वह इस हाई-प्रोफाइल सीट को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. पदयात्रा के दौरान सड़कों पर समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा.
मुख्यमंत्री बनर्जी खुद लोगों का अभिवादन करती हुई आगे बढ़ीं और कई जगह रुककर जनता से संवाद भी किया.
इस मौके पर राज्य सरकार के मंत्री फिरहाद हकीम अपनी पत्नी और बेटी के साथ मौजूद रहे. भवानीपुर क्षेत्र के कई पार्षद, स्थानीय नेता और संगठन के पदाधिकारी भी इस पदयात्रा में शामिल हुए.
राजनीतिक रूप से यह पदयात्रा केवल नामांकन की औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी ताकत दिखाने का बड़ा मंच बन गयी.
तृणमूल के झंडे, बैनर और नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा. इससे यह साफ हुआ कि इस सीट पर पार्टी का पूरा संगठन एकजुट होकर मैदान में उतरा है.
सभी तस्वीरें फोटोग्राफर अर्क सेन की.
