कोलकाता : कोलकाता वर्ष 2019 में होनेवाले लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है. बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस व भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गयी है और राजनीतिक दल के नेता एक-दूसरे पर बयानबाजी करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और ममता बनर्जी के बीच होती दिख रही है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने खुद कहा है कि उनका असली लक्ष्य पश्चिम बंगाल में 22 से अधिक सीटें जीतने का है. लेकिन अब शाह के इस टारगेट पर तृणमूल की ओर से जवाब आया है. मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद की रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वो कहते हैं कि वे यहां 22 सीटें जीतेंगे, मैं उन्हें चुनौती देता हू्ं कि वे यहां 22 बूथ भी जीत कर दिखा दें. वह यहां 22 बूथ भी नहीं जीत पाएंगे. साथ ही उन्होंने भाजपा पर बाहर राज्यों से लोगों को लाकर यहां अशांति फैलाने का आरोप लगाया.
इस मौके पर राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने भी अपने भाषण में भाजपा पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि वह यहां हिंसा की राजनीति करना चाहती है. लेकिन बंगाल की जनता के दिल में हिंसा करने वालों के प्रति कोई जगह नहीं है. इस मौके पर राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास, परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी, खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक, उत्तर कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के सचिव शुभांकर देव सहित अन्य नेता उपस्थित रहे.
