प्रेममूर्ति राजनजी महाराज के मुखारविंद से श्याम गार्डेन में नौ दिवसीय राम कथा शुरू
कोलकाता : जिस प्रकार जीवन के लिए भोजन अत्यंत आवश्यक है उसी प्रकार जीव के लिए भगवत भजन अत्यंत आवश्यक है. जिस प्रकार आप अपनी गाड़ी की समय-समय पर सर्विसिंग कराते हैं, उसी प्रकार मनुष्य, भगवत भजन के माध्यम से अपना मन और चित्त निर्मल (सर्विसिंग) कराते रहें. 25 अगस्त से 2 सिंतबर तक श्याम गॉर्डेन में आयोजित श्रीराम कथा का भक्त लाभ उठा सकते हैं. उक्त बातें प्रेममूर्ति राजनजी महाराज ने कहीं.
‘हम रामजी, रामजी हमारे हैं’ सेवा ट्रस्ट के कोलकाता शाखा द्वारा श्याम गार्डेन में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के प्रथम दिन शनिवार को श्रीराम कथा का वाचन करते हुए महाराज जी ने आगे कहा कि गोस्वामी तुलसी दास कहते हैं कि हमारे शरीर में गुण और अवगुण दोनों समान रूप से विरामज मान हैं, लेकिन सतसंग की शरण में जाते ही हमारे चित्त और मन से अवगुण समाप्त हो जाते हैं और गुण जागृत हो जाते हैं. जगत में रामकथा साक्षात परमात्म स्वरूप है.
यह जगत में मंगल प्रदान करती है, धन प्रदान करती है, धर्म साधती है और परमात्मा के पावन धाम तक पहुंचने में मदद करती है. जीव का जीवन मानस का दर्पण है. यदि जीव इसी विश्वास के साथ रामकथा का श्रवण करे तो निश्चित ही यह उसके लिए फलदायी होगा. कथा जीवन के चित्त को निर्मल बना देती है. प्रेममूर्ति राजनजी महाराज ने आगे कहा कि अमरता प्रदान करनेवाली रामकथा कामधेनु है, यह जीव के जीवन को सहज बना देती है.
महाराजश्री ने भक्तों से आग्रह करते हुए कहा कि देश की आत्मा बच्चे हैं और संस्कारवान नागरिकों के लिए आप अपने बच्चों को कथा सुनने के लिए प्रेरित करें. शनिवार से शुरू नौ दिवसीय श्रीराम कथा के प्रथम दिन यजमान की भूमिका में गुंजन सिंह, नूतन सिंह और नीलम सिंह उपस्थित रहीं.
रामकथा में उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों में सुप्रसिद्ध समाजसेवी बासुदेव टिकमानी, शशिधर सिंह, रत्नाकर पांडेय, नेत्रदान महादान के रवि विष्णु चौमाल, चंद्रेश्वर शाही, रमेश कुमार गुप्ता और सुरेश अग्रवाल रहे.
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीराम कथा आयोजन समिति के स्वनामधन्य जय प्रकाश सिंह, बिनय दूबे, विक्की राज सिकरिया, सुशील ओझा, बासुदेव टिकमानी, राम मनोहर सिंह,रंजन चौबे, दीपक मिश्रा, रमेश सिंह, राजेश पांडेय, हरेंद्र दूबे, अतुल डालमिया, धनपाल मिश्रा, गुंजन सिंह, पुनित कुमार सिंह और अशोक ठाकुर लगे रहे. कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी वीरेंद्र शर्मा ने किया.
