कोलकाता : असम में कोई भी भारतीय नागरिक राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से बाहर नहीं छोड़ा नहीं जाना चाहिए. ड्राफ्ट एनआरसी के जरिये विभेद की राजनीति नहीं की जानी चाहिए. यह बात राज्य में वाममोरचा के चेयरमैन विमान बसु ने कही है.वामपंथी नेता ने भाजपा और तृणमूल कांग्रेस पर उपरोक्त मुद्दे के जरिये सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया. वाममोरचा सभी भारतीय नागरिक को एनआरसी सूची में पंजीकृत किये जाने की मांग करता है. असम में ड्राफ्ट एनआरसी में 40 लाख लोगों को शामिल कर सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत इसमें पंजीकृत किये जाने की मांग की गयी.
इधर माकपा के प्रदेश सचिव डॉ सूर्यकांत मिश्रा ने राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस राजनीतिक लाभ उठाने और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिये असम में ड्राफ्ट एनआरसी का विरोध कर रही है. आरोप के अनुसार पहले ऐसे कई दौर आये थे जब भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एनआरसी को लेकर समान सोच रखती थी. अब वह सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए एनआरसी का विरोध किया जा रहा है ताकि आम जनता को लगे कि तृणमूल कांग्रेस भाजपा का विरोध कर रही है, लेकिन दोनों दलों का रूख समान है. आरोप के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के सहयोग के बिना भाजपा की जड़ें पश्चिम बंगाल मेें मजबूत नहीं हो सकती हैं.
एनआरसी ड्राफ्ट के विरोध में रैली
कोलकाता. असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) ड्राफ्ट में करीब 40 लाख लोगों को जगह नहीं मिलने के विरोध में रविवार को माकपा कोलकाता जिला कमेटी की ओर से विरोध रैली निकाली गयी. रैली धर्मतल्ला स्थित लेनिन मूर्ति के निकट से शुरू हुई, जो महाजाति के पास समाप्त हुई. रैली में पूर्व मंत्री व सीटू के वरिष्ठ नेता अनादि साहू समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे.
