15वें वित्त आयोग में केंद्र सरकार कर रही है हस्तक्षेप : अमित मित्रा

कोलकाता : राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार पर 15वें वित्त आयोग के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि राज्य के लिए आवंटित राशि का 50 फीसदी हिस्सा राज्यों को मिले. उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के टर्म ऑफ कंडिशन में परिवर्तन से राज्य को 35849 […]

कोलकाता : राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार पर 15वें वित्त आयोग के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि राज्य के लिए आवंटित राशि का 50 फीसदी हिस्सा राज्यों को मिले. उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के टर्म ऑफ कंडिशन में परिवर्तन से राज्य को 35849 करोड़ रुपये का नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
इसके साथ ही राज्य को प्रति वर्ष ऋण भुगतान व ऋण के बाबत सूद के बाबत प्रति वर्ष 3,60,510 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है. श्री मित्रा ने ये बातें 15वें वित्त आयोग में केंद्र सरकार के रवैये, केंद्र सरकार द्वारा राज्य के विकासमूलक कार्य के लिए धन आवंटित नहीं करने तथा फेडरल संरचना में हस्तक्षेप करने के खिलाफ संसदीय मंत्री पार्थ चटर्जी, विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान, सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक निर्मल घोष, विधायक तापस राय, वामपंथी विधायक दल नेता सुजन चक्रवर्ती, कांग्रेस विधायक मनोज चक्रवर्ती, आरएसपी विधायक विश्वनाथ चौधरी, गोरखा जनमुक्ति मोरचा के विधायक रोहित शर्मा, कांग्रेस विधायक असित मित्रा व फॉरवर्ड ब्लॉक विधायक अली इमरान रम्ज द्वारा लाये गये प्रस्ताव पर हुई बहस में भाग लेते हुए ये बातें कहीं.
नियम 185 के तहत यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया. श्री मित्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य से अधिभार व सरचार्ज ले रही है. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ उन लोगों व अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भी दिया था. प्रस्ताव पर हुई बहस में भाग लेते हुए माकपा के विधायक व सिलीगुड़ी के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ वंचना कर रही है और फेडरल संरचना का उल्लंघन कर रही है.उसी तरह से राज्य सरकार भी विरोधी दल के नगरपालिकाओं के साथ पक्षपात कर रही है और उन्हें उनके लिए आवंटित फंड नहीं दिया जा रहा है.

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