कोलकाता : राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के मुख्यालय नागपुर में आयोजित संघ के तीसरे साल के शिक्षा वर्ग के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के शामिल होने को लेकर कांग्रेस का एक तबका आक्रामक हो गया है. उन लोगों की ओर से लगातार प्रणब मुखर्जी से सवाल दागे जा रहे हैं.
श्री मुखर्जी ने अपने भाषण में धर्म निरपेक्षता पर जोर देते हुए राष्ट्र धर्म की बात कही. इन सबके बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने शुक्रवार को कोलकाता में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति को लेकर बहुत से लोग कई तरह की बात कर रहे हैं. उनको नागपुर जाने से रोकने के लिए कई तरह का प्रयास हुआ था. लेकिन वह अपने स्टैंड पर कायम हैं.
वह भारतीय परंपरा की ही बात कहे हैं. एक सांस्कृतिक मंच से उन्होंने अपना भाषण दिया. दरअसल वह सभी पद, सभी पार्टी और सभी आदर्श से उपर उठकर सही जगह पर सही बात कहे हैं. दिलीप घोष के अनुसार कौटिल्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने संस्कृत में श्लोक का उच्चारण करके वह वह भारतीय संस्कृति के मूल में जाने का प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग संघ को करीब से जानते हैं वह लोग इस तरह की ही बात करेंगे. जो लोग राजनीति करते हैं वे लोग विरोध तो करेंगे ही यही स्वाभाविक है.
