बैरकपुर से मनोरंजन प्रसाद सिंह की रिपोर्ट
दुर्गापूजा से ठीक पहले उत्तर 24 परगना के टीटागढ़ स्थित लूमटेक्स जूट मिल मंगलवार को एक बार फिर बंद हो गयी. इससे एक हजार से अधिक मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. प्रबंधन ने श्रमिक असंतोष और मिल के कामकाज में लगातार व्यवधान का हवाला देते हुए लॉकआउट का नोटिस लगाया है.
मुख्य बातें
-दुर्गापूजा से पहले फिर रोजी-रोटी का संकट -श्रमिक असंतोष के चलते प्रबंधन ने लगाया लॉकआउट नोटिस
काम पर पहुंचे मजदूरों को गेट पर मिला नोटिस
मंगलवार सुबह जब मजदूर काम पर पहुंचे, तो उन्हें मिल के गेट पर बंद का नोटिस लटका मिला. नोटिस में प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि मिल के विभिन्न विभागों के कुछ कर्मचारी असामाजिक गतिविधियों में लिप्त होकर उत्पादन और सामान्य कामकाज में बाधा डाल रहे थे. इसके कारण मिल को बंद करने का फैसला लेना पड़ा.
लंबे समय तक बंद रहने के बाद खुली थी मिल
लूमटेक्स जूट मिल लंबे समय तक बंद रहने के बाद सत्ता परिवर्तन के पश्चात बैरकपुर के विधायक कौस्तुभ बागची और राज्य के श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की पहल पर दोबारा खोली गयी थी. ऐसे में पूजा से पहले मिल के फिर बंद होने से मजदूरों की चिंता बढ़ गयी है. कौस्तुभ बागची ने श्रमिकों और प्रबंधन से शांति बनाये रखने की अपील की है. उन्होंने मजदूरों से किसी के बहकावे या प्रलोभन में नहीं आने का आग्रह किया. विधायक ने दावा किया कि आगामी त्योहारी सीजन से पहले ही मिल को दोबारा खोलने के लिए वह पहल करेंगे.
50-60 लोगों के कारण बार-बार उत्पादन बाधित : प्रबंधन
मिल प्रबंधन ने अपने नोटिस में कहा है कि उसे बड़े दुख के साथ यह कठिन कदम उठाना पड़ रहा है. प्रबंधन के अनुसार, मिल ने करीब 3000 श्रमिकों को रोजगार दिया है. नोटिस में कहा गया है कि कुछ लोगों की वजह से सभी निर्दोष मजदूरों की रोजी-रोटी खतरे में नहीं डाली जा सकती. लेकिन 50-60 लोगों का एक समूह बार-बार ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है, जिससे सामान्य उत्पादन बाधित होता है और कई मौकों पर मिल को ठप करना पड़ा है. लगातार जारी व्यवधान को देखते हुए प्रबंधन ने कहा कि उसके पास लॉकआउट घोषित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा.
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एक मजदूर को काम से हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
इधर, जूट मिल के ऑल यूनियन फोरम के संयोजक प्रमेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रबंधन ने एक मजदूर को कथित असामाजिक गतिविधि के आरोप में काम से बाहर कर दिया था. इसे लेकर मजदूरों ने उसे दोबारा काम पर रखने और पुरानी बाजार की ओर स्थित बरामदा गेट खोलने की मांग की थी. प्रमेंद्र चौधरी के अनुसार, मांग नहीं माने जाने पर कुछ मजदूर कथित तौर पर उकसावे में आ गये और कंपनी के गोदाम को बंद कर दिया. इससे नाराज होकर प्रबंधन ने लॉकआउट का नोटिस लगा दिया.
श्रम मंत्री की पहल पर बैठक
मामले को लेकर श्रम मंत्री की पहल पर प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई है. प्रमेंद्र चौधरी के अनुसार, बैठक में मिल प्रबंधन ने फिलहाल बुधवार से मिल खोलने का आश्वासन दिया है.
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