किसानों के विकास को लेकर राज्य सरकार प्रतिबद्ध : शोभनदेब

खाद्य प्रसंस्करण व बागवानी विभाग और आइसीसी के सहयोग से तीन दिवसीय ‘बंगाल फूड एंड फ्रूट फेस्टिवल’ का उद्घाटन

कोलकाता. राज्य के खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी विभाग ने इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स (आइसीसी) के सहयोग से शुक्रवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में तीन दिवसीय ”बंगाल फूड एंड फ्रूट फेस्टिवल” का उद्घाटन किया. उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद राज्य के कृषि मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि 11 अगस्त तक चलनेवाले इस महोत्सव में व्यापारियों, किसानों और उद्यमियों को एकसाथ लाने की कोशिश की गयी है, जिससे कृषि क्षेत्र का विकास किया जा सके. किसानों के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है. इसे ध्यान में रखकर किसानों को सालाना 10,000 रुपये की मदद के साथ ही उनका बीमा प्रीमियम पूरी तरह से कवर किया जाता है. अगर किसी किसान की 60 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को तुरंत दो लाख रुपये सहायता के रूप में दिये जाते हैं. 60 से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन भी प्रदान की जाती है. मंत्री ने कहा : कृषि उत्पादन को बढ़ाने और बुनियादी ढांचे के विकास पर राज्य सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. हमने अपने किसानों की सहायता के लिए 93 कोल्ड स्टोरेज, 367 दाल मिलें और 1,132 कृषि मशीनीकरण इकाइयां स्थापित की हैं. अब हम आलू के बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं. हमने लगभग 1,000 एफपीओ भी स्थापित किये हैं, जिनमें करीब पांच लाख लोग शामिल हैं. राज्य में लगभग 600 सुफल बांग्ला आउटलेट हैं. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और बागवानी विभाग के मंत्री अरूप राय ने कहा : विभाग में शामिल होने के बाद, मैंने फलों और सब्जियों की खोज की. बंगाल में भी अब विविध प्रकार के आम के साथ ड्रैगन फ्रूट भी उगाये जा रहे हैं. 2023-24 में, हमने किसानों में आम, अमरूद, नींबू, काजू, पपीता, ड्रैगन फ्रूट, नारियल और संतरे सहित 82 लाख बीज मुफ्त वितरित किये. हम पॉलीहाउस में ऑर्किड की खेती कर रहे हैं. कार्यक्रम में मंत्री मलय घटक, राज्यमंत्री बिप्लब रायचौधरी, इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स की एग्रीकल्चर कमेटी के चेयरमेन श्रीकांत गोयनका, आइएएस ओंकार सिंह मीणा के अलावा विभाग की विशेष सचिव मणिरूपा भट्टाचार्य, स्वाति बंद्योपाध्याय व कस्तूरी सेनगुप्ता ने भी अपने विचार रखे. कार्यक्रम में इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स की वरिष्ठ निदेशक मधुपर्णा भौमिक ने कहा कि इस फेस्टिवल से बंगाल की समृद्ध कृषि और बागवानी को बढ़ावा मिलेगा.

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