Bratya Basu News: पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पर हमला, कार का शीशा तोड़ा, छात्रों ने दो घंटे तक घेर कर रखा

Bratya Basu News: पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पर हमला किया गया है. उनकी कार के शीशे तोड़ दिए गए. छात्र संगठनों ने उन्हें करीब दो घंटे तक घेरे रखा.

Bratya Basu News: पश्चिम बंगाल के फेमस जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव तत्काल कराने की मांग को लेकर जोरदार हंगामा हुआ. जब शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु जादवपुर यूनिवर्सिटी में वेस्ट बंगाल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी प्रोफेसर एसोसिएशन (बेवकुपा) की वार्षिक आम बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे तो उन्हें छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा. माकपा समर्थित छात्र यूनियन एसएफआइ के सदस्यों ने कथित रूप से बसु की कार का घेराव किया और वाहन में तोड़फोड़ की.

शिक्षा मंत्री को छात्रों ने दो घंटे तक घेरे रखा

छात्रों ने जब विरोध करना शुरू किया, तो शिक्षा मंत्री कार से बाहर निकले और छात्रों से बात करने की कोशिश की. लेकिन उनके सामने भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. छात्र यूनियन नेताओं ने शिक्षा मंत्री को करीब दो घंटे तक घेर कर रखा. एसएफआइ समर्थकों ने ‘चोर-चोर’ और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाये गये. बाद में, मंत्री की कार और उनके साथ मौजूद दो पायलट कारों में तोड़फोड़ की गयी. कार का ‘लुकिंग ग्लास’ भी टूट गया. यहां तक आरोप है कि शिक्षा मंत्री की कार के टायरों की हवा निकाल दी गयी.

West bengal education minister attacked

शिक्षा मंत्री की बिगड़ी तबीयत

कार की विंडस्क्रीन टूटने और घेराव के कारण शिक्षा मंत्री बसु की तबीयत बिगड़ गयी. उन्हें तुरंत एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की. फिलहाल उनकी शारीरिक स्थिति ठीक है. आरोप है कि इस दौरान उत्तर बंगाल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति ओम प्रकाश मिश्रा पर भी एसएफआइ समर्थकों ने हमला किया.

छात्र संगठनों का आरोप शिक्षा मंत्री की कार से कई छात्र घायल

वामपंथी छात्र संगठनों ने शिक्षा मंत्री पर आंदोलन कर रहे छात्रों को कुचलने का आरोप लगाया. छात्र यूनियन का कहना है कि शिक्षा मंत्री की गाड़ी ने कई छात्रों को कुचला है, जिससे कई छात्र घायल हुए है. उनका आरोप है कि मंत्री की गाड़ी एक छात्र के ऊपर से चढ़ा दी गयी. इसके विरोध में सोमवार को छात्र हड़ताल का आह्वान किया गया है. छात्र संगठन की ओर से जादवपुर विश्वविद्यालय में चुनाव कराने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा था.

पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी: सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया

क्या कहना है शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का

शिक्षा मंत्री ने कहा, “माकपा के छात्र यूनियन के विरोध प्रदर्शन से साफ नजर आया है कि एसएफआइ का असली रूप अलोकतांत्रिक और अनियंत्रित है. इन लोगों ने शिक्षण समुदाय के खिलाफ नारे लगाये. मंत्री ने कहा कि यहां का वामपंथ सोवियत संघ द्वारा संचालित वामपंथ नहीं है. यह वास्तव में लैटिन अमेरिकी वामपंथ है. ब्रात्य बसु ने कहा कि जादवपुर में पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन इस तरह नहीं. सिर्फ ध्यान आकर्षित करने के लिए एसएफआइ छात्र अशांति कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि उनकी कार पर ईंट फेंकी गयी और उन पर हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गये.”

ब्रात्य बसु से मिलने पहुंचे कुणाल घोष

तृणमूल नेता कुणाल घोष शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से मिलने एसएसकेएम परिसर पहुंचे. उन्होंने कहा कि किसी को भी हमारे धैर्य और सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए. हम ममता बनर्जी की पार्टी हैं. हमलावरों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जायेगा.

एसएफआइ नेता ने क्या कहा

एसएफआइ नेता कौशिकी भट्टाचार्य ने कहा कि छात्र सिर्फ शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से चर्चा करना चाहते थे, उनकी एक मात्र मांग यही है कि छात्र संघ चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं. हमने कोई हिंसा का सहारा नहीं लिया. यह तृणमूल के बाहरी लोग थे, जिन्होंने परिसर में अपने कुछ समर्थकों के साथ मिलकर हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया और हमारे खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा मंत्री बसु की कार के जाने के बाद कुल लोगों ने वेबकुपा के बैनर फाड़े, तृणमूल शिक्षक विंग सेल के कमरे में भी तोड़फोड़ की.

जेयू के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

घटना के बाद जेयू कैंपस के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने के साथ पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गयी. वहां भारी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है और वहां प्रत्येक आने-जाने वाली की निगरानी की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >