गुरुवार को शहर के विभिन्न इलाकों में भाजपा के बहाने कथित तौर पर कब्जे में लिये गये तृणमूल के कई क्लबों को उसके नेताओं व कार्यकर्ताओं को लौटा दिया गया. साथ ही भाजपा की ओर से माइकिंग कर चेतावनी दी गयी कि किसी भी राजनीतिक दल के क्लब, निजी दुकान या आवास पर भाजपा के नाम पर कब्जा करनेवाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
परिजात गांगुली के नेतृत्व में चला अभियान
दखल मुक्त अभियान भाजपा के जिला युवा नेता परिजात गांगुली के नेतृत्व में चलाया गया. इस दौरान समर्थकों के साथ स्टील टाउनशिप के चंडीदास इलाके के देशबंधु बॉयज क्लब, हेल्थ सेंटर, न्यू मार्केट, ओल्ड मार्केट और भारती रोड स्थित कब्जे वाले क्लबों को खाली कराया गया. वहां लगे भाजपा के झंडे हटाकर फिर से तृणमूल कांग्रेस के झंडे लगाए गए.
कब्जे को लेकर लगा था आरोप
चार मई को राज्यभर में भाजपा की जीत के बाद दुर्गापुर समेत कई इलाकों में कुछ लोगों पर तृणमूल कांग्रेस के क्लब, पार्टी कार्यालय और ट्रेड यूनियन कार्यालयों में तोड़फोड़, आगजनी और कब्जे के आरोप लगे थे. विरोधी दलों ने भाजपा पर इन घटनाओं का आरोप लगाया था. इसके बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने और कब्जे वाले कार्यालयों को सुरक्षित लौटाने का निर्देश दिया था. प्रशासन ने भी कब्जा करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है.
अब भी कई दफ्तरों के दखल का दावा
सूत्रों के दावे पर यकीन करें, तो कुछ छोटे क्लब ही अब तक लौटाये गये हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के कई पार्टी कार्यालय व ट्रेड यूनियन कार्यालय अब भी कब्जे में हैं. परिजात गांगुली ने दावा किया कि कब्जे की घटनाओं में भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका नहीं थी. उन्होंने कहा कि दूसरे दलों के कुछ लोग भाजपा का नाम इस्तेमाल कर क्लबों और पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर रहे थे. उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से कब्जे में लिए गए क्लब वापस लौटाए जा रहे हैं.
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