कुनुस्तोड़िया मोड़ पर टला हादसा, एनएच-14 पर घंटों अवरोध
राष्ट्रीय राजमार्ग(एनएच) - 60 जो अब बदल कर एनएच-14 हो गया है, उससे लगा कुनुस्तोड़िया मोड़ गुरुवार को फिर रणक्षेत्र में बदल गया. एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया.
राष्ट्रीय राजमार्ग(एनएच) – 60 जो अब बदल कर एनएच-14 हो गया है, उससे लगा कुनुस्तोड़िया मोड़ गुरुवार को फिर रणक्षेत्र में बदल गया. एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया. बड़ी संख्या में नाराज ग्रामीण एनएच-14 पर उतर गये और विरोध प्रदर्शन करने लगे, जिससे वहां यातायात पूरी तरह ठप हो गया. स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कुनुस्तोड़िया मोड़ अब ””डेथ ट्रैप”” यानी मौत का जाल बनता जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस व्यस्त मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं. लोगों में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा था कि बार-बार की मांग के बावजूद न तो यहाँ बैरिकेड्स लगाए गए हैं और न ही वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाये गये हैं.
घंटों रहा सड़क जाम, प्रशासन के आश्वासन पर माने लोग
सड़क जाम होने के कारण राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उत्तेजित ग्रामीणों ने साफ किया कि जब तक सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए जाते, वे पीछे नहीं हटेंगे. काफी देर तक चले हंगामे के बाद, प्रशासन की ओर से जल्द ही बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर लगाने का लिखित आश्वासन दिया गया. प्रशासनिक वादे के बाद लोगों ने जाम हटाया और धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका. इलाके के लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने मांग उठाई है. प्रशासन को अब हादसों का इंतजार करने के बजाय तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी की जान जाने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
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