जामुड़िया : अवैध कोयला खदान में जहरीली गैस से दो लोगों की मौत

राजनीति. घटना को लेकर तृणमूल व भाजपा में शुरू हो गयी सियासी खींचतान

इसीएल के सातग्राम एरिया के नॉर्थ सियारसोल आमबागान में हुई घटना महज 400 रुपये की दिहाड़ी के लिए जान हथेली पर रख अवैध खदानों में काम करने की कैसी मजबूरी

जामुड़िया. जामुड़िया अंचल की अवैध कोयला खदान में 50 फीट नीचे उतरे दो लोगों की जहरीली मिथेन गैस से दम घुटने के चलते मौत हो गयी. मृतकों के नाम रवि कर्मकार (42) व संजीत बाउरी(30) बताये गये हैं. यह घटना इसीएल के सातग्राम एरिया के नॉर्थ सियारसोल आमबागान इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी है. आरोप है कि क्षेत्र में 118 कारखाने होने के बावजूद स्थानीय युवकों को रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे वे महज 400 रुपये की दिहाड़ी के लिए जान जोखिम में डाल कर अवैध कोयला खदानों में काम करने को मजबूर हैं.

पारिवारिक सूत्रों की मानें, तो जामुड़िया के हिजलगोड़ा ग्राम पंचायत के बारुल गांव के चार लोग ठेका मजदूर के तौर पर देर रात आमबागान में अवैध रूप से कोयला काटने आये थे. आधी रात को चार मजदूरों में से रवि कर्मकार व संजीत बाउरी लगभग 50 फीट गहरी कोयला खदान के गड्ढे में गिर गये और जहरीली गैस का शिकार हो गये. उनके साथी किसी तरह वहां से निकल कर अपने गांव के लोगों और पीड़ित परिवार को सूचना दी.

घटना की जानकारी तत्काल दमकल विभाग को दी गई और रानीगंज दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची .ईसीएल के सीतारामपुर से रेस्क्यू टीम के साथ ईसीएल के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. शनिवार सुबह प्रशासनिक स्तर पर खदान के मुहाने के अंदर रस्सी पर एक जिंदा मुर्गा लटकाकर डाला गया, जिसे वापस निकालने पर मृत पाया गया. इससे इस बात की पुष्टि हो गई कि खदान के मुहाने में जानलेवा जहरीली गैस मौजूद थी. स्थानीय निवासियों ने दोनों लोगों को बचाने के लिए विशेष बचाव दल बुलाने की मांग की.

शुरुआत में संजीत बाउरी का शव बरामद कर लिया गया था, जब एक व्यक्ति ने अपनी जान जोखिम में डाल कर खदान के शाफ्ट में घुस कर शव को रस्सी से लपेटा, लेकिन जहरीली गैस का स्तर ज्यादा होने से शव को तुरंत नहीं निकाला जा सका था. फिर सुबह 11:00 बजे तक स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के सामने रस्सी में लिपटे एक शव को निकाल लिया और दूसरा शव अपराह्न करीब 3:00 बजे खदान से बाहर निकाला गया.

गौरतलब है कि जामुड़िया कोयला खदान क्षेत्र में अवैध कोयला काटने का काम काफी समय से बंद था, पर हाल में कोयला माफिया गिरोह सक्रिय हो गये हैं और घने जंगलों में गुप्त इलाकों में अवैध कोयला तस्करी में लगे हुए हैं. यह घटना एक बार फिर इस अवैध कारोबार की वापसी का संकेत दे रही है. अब देखना है कि प्रशासन इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है और इन मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है.

बचाव कार्य व राजनैतिक प्रतिक्रिया

मृतकों के परिवार और रिश्तेदार घटनास्थल पर पुलिस प्रशासन से लगातार बहस करते रहे और तत्काल बचाव की मांग करते रहे. पुलिस प्रशासन ने बताया कि बचाव के लिए इसीएल के विशेष बचाव दल को आवेदन की गई है, लेकिन अभी तक बचाव दल नहीं पहुंचा है. मृतक संजीत बाउरी की मां ने बताया कि वे 400 रुपये की मजदूरी के लिए कोयला काटने आए थे और इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आ गए. उन्होंने तत्काल कार्रवाई और दोनों शवों को बरामद करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया.

राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप

इस घटना को लेकर राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के भाजपा संयोजक संतोष सिंह ने घटनास्थल पर पहुंच कर दावा किया कि पुलिस से लेकर प्रशासन तक सबको इन अवैध कोयला खदानों की जानकारी है और भाजपा की ओर से खदानों को बंद करने के लिए बार-बार पत्र भी भेजा गया है. फिर भी अवैध खदानें बंद नहीं की गयीं. उन्होंने इसीएल अफसरों पर भी कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध खनन जोरों पर है और ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता, जिसका खामियाजा बेरोजगार युवाओं को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है. इन दावों का भाजपा नेता अरिजीत व तापस राय ने भी समर्थन किया. दूसरी ओर, घटनाक्रम स्थल पर पहुंचे जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह को ग्रामीणों का गुस्सा झेलना पड़ा. उन्होंने घटना को ‘बेहद दुखद’ बताते हुए कहा कि इसीएल समय-समय पर अवैध खदानों की डोजरिंग करती है, पर बारुल ग्राम से इतनी दूर आकर यह काम कैसे ये लोग कर रहे थे, यह जांच का विषय है. उन्होंने भाजपा पर माहौल को अशांत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा पार्टी के लिए अब कुछ नहीं बचा है. विधायक ने आगे कहा कि यदि भाजपा को पीड़ित परिवारों से इतनी ही हमदर्दी है, तो उन्हें 10 लाख रुपये देकर दिखायें. भाजपा ने ऐसा किया, तो विधायक भी अपने विधानसभा क्षेत्र के पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये की मदद देंगे. उन्होंने पीड़ितों से संवेदना जताते हुए कहा कि उनसे जो भी सहयोग हो सकेगा, वह करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ganesh mahto

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >