मेड इन यूएसए के लोगो वाले तीन 7एमएम पिस्तौल जब्त

हथियार तस्कर जरूरत के अनुसार हथियारों पर मेड इन यूएसए, मेड इन जर्मनी आदि का लोगो लगाते हैं.

सभी हथियारों के बांका में निर्मित होने की बात आयी सामने रिमांड अवधि में आरोपी से कई और जानकारी मिलने की उम्मीद किसी भी देश का लोगो खुद बनाकर हथियारों पर लगा देते हैं कारोबारी आसनसोल. राज्य एसटीएफ और आसनसोल नॉर्थ थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर दो दिन पहले जो तीन 7एमएम सेमी ऑटोमेटिक पिस्तौल पकड़े थे, उन सभी हथियारों की बॉडी पर ”मेड इन यूएसए” लिखा है. इसे लेकर बड़ा खुलासा हुआ कि ये हथियार यूएसए मेड नहीं हैं. हथियार तस्कर जरूरत के अनुसार हथियारों पर मेड इन यूएसए, मेड इन जर्मनी आदि का लोगो लगाते हैं. खरीदने वाले को भी इसकी जानकारी होती है कि ये हथियार विदेशी नहीं है. हालांकि कुछ नये खरीदारों को ये लोग विदेशी हथियार के नाम पर ठग लेते हैं. अवैध रूप से बिकनेवाली लोकल मेड 7एमएम एमएम पिस्तौल की कीमत वर्तमान में 30-35 हजार और 9एमएम की कीमत 50-60 हजार रुपये की बीच चल रही है. इसे बनाने में अधिकतम खर्च दो से पांच हजार रुपये के बीच होता है. गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आरिफ बिहार के बांका से इन्हें बेचने के लिए आसनसोल लाया था. गौरतलब है कि तीन 7एमएम सेमी ऑटोमेटिक पिस्तौल और छह खाली मैगजीन के साथ धनबाद (झारखंड) जिले के झरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंदरी रोड, एमआरएफ शोरूम के निकट इलाके के निवासी मोहम्मद आरिफ को राज्य एसटीएफ और आसनसोल नॉर्थ थाने की पुलिस ने पकड़ा था. फिलहाल वह पुलिस रिमांड में है. पुलिस को उससे काफी जानकारियां मिली है. जिसके आधार पर एसटीएफ की टीम अपने काम में जुट गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >