बंगाल से हजारों युवक काम के लिए केरल जा रहे: वृंदा करात

उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य की तृणमूल सरकार केवल आश्वासन देती हैं, जबकि रोजगार की स्थिति लगातार बिगड़ रही है.

वृंदा करात ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना

बर्दवान/पानागढ़. पूर्व बर्दवान जिले के खंड घोष में रविवार को आयोजित सारा भारत गणतांत्रिक महिला समिति के सम्मेलन से पहले जनसभा में माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने कहा कि पश्चिम बंगाल से हजारों बेरोजगार युवक काम की तलाश में केरल जा रहे हैं क्योंकि वहां वाम नेतृत्व वाली सरकार श्रमिकों के हित में काम करती है. उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य की तृणमूल सरकार केवल आश्वासन देती हैं, जबकि रोजगार की स्थिति लगातार बिगड़ रही है.

महिला सुरक्षा और अराजकता पर आरोप

करात ने कहा कि बंगाल में महिलाएं, बच्चियां और बुजुर्ग महिलाएं तक सुरक्षित नहीं हैं. सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एक वर्ष में राज्य में 1100 से ज्यादा गैंग रेप दर्ज हुए हैं. उन्होंने आरजी कर अस्पताल और बर्दवान मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे शासक दल के लोग शामिल रहे और उन्हें बचाया गया. उन्होंने कहा कि जैसे भाजपा शासित राज्यों में आरोपियों को संरक्षण मिलता है, वैसा ही हाल पश्चिम बंगाल में है.

कृषि संकट और दिहाड़ी की समस्या

पूर्व बर्दवान को कृषि प्रधान जिला बताते हुए करात ने कहा कि यहां खेत मजदूरों की दिहाड़ी पेट भरने लायक नहीं है. महिलाएं खेत मजदूरी के साथ घरों में काम करने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि केरल में आंगनबाड़ी, मजदूरी और आशा कर्मियों की दिहाड़ी पश्चिम बंगाल से कहीं अधिक है. करात के अनुसार, औद्योगिक स्थिति भी बिगड़ी है और सरकार के आने के बाद कई कल कारखाने बंद हुए या पलायन कर गये हैं.

करात ने कहा कि बंगाल और देश में महिलाएं घर और बाहर लगातार काम करती रहती हैं, लेकिन सशक्तिकरण के दावे जमीन पर दिखाई नहीं देते.

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By Ganesh mahto

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