कोल ब्लॉक विस्तार को शिफ्ट किये जायेंगे चार स्कूल

राज्य सरकार के विद्युत विभाग डब्ल्यूबीपीडीसीएल द्वारा कोयला ब्लॉक के विस्तारीकरण की योजना के तहत जामुड़िया के चुरुलिया क्षेत्र के चार महत्वपूर्ण विद्यालयों और अन्य सरकारी भवनों को स्थानांतरित करने के आदेश ने क्षेत्र के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. चुरुलिया नव कृष्ण उच्च माध्यमिक विद्यालय, चुरुलिया श्रीपति सत्यभामा बेसिक स्कूल, शैलबाला बालिका विद्यालय, श्री राम प्राथमिक विद्यालय और एक आईसीडीएस सेंटर, चुरुलिया फाड़ी हाट तल्ला के साथ-साथ स्थानीय ग्राम माझी पाड़ा भी अन्यत्र ले जाने की तैयारी है.

जामुड़िया.

राज्य सरकार के विद्युत विभाग डब्ल्यूबीपीडीसीएल द्वारा कोयला ब्लॉक के विस्तारीकरण की योजना के तहत जामुड़िया के चुरुलिया क्षेत्र के चार महत्वपूर्ण विद्यालयों और अन्य सरकारी भवनों को स्थानांतरित करने के आदेश ने क्षेत्र के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. चुरुलिया नव कृष्ण उच्च माध्यमिक विद्यालय, चुरुलिया श्रीपति सत्यभामा बेसिक स्कूल, शैलबाला बालिका विद्यालय, श्री राम प्राथमिक विद्यालय और एक आईसीडीएस सेंटर, चुरुलिया फाड़ी हाट तल्ला के साथ-साथ स्थानीय ग्राम माझी पाड़ा भी अन्यत्र ले जाने की तैयारी है.

इस संबंध में जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्युत विभाग की संस्था डब्ल्यूबीपीडीसीएल अपने कोयला ब्लॉक का विस्तार करने की दिशा में काम कर र���ी है. इसी कारण विद्यालयों, पोस्ट ऑफिस और अन्य सरकारी भवनों को दूसरी जगह पर स्थानांतरित करने के लिए क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है.

वहीं, इस कंपनी के एजेंट संजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जो भी कार्य किया जाएगा, वह यहां रहने वाले लोगों के हित में होगा. उन्होंने कहा कि यहां से निकलने वाला कोयला राज्य सरकार के विद्युत विभाग के कार्यों में आता है, जिससे चौबीसों घंटे लोगों को बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी. उन्होंने यह भी कहा कि जमीन के नीचे आग लगने के कारण कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है, इसलिए इन सभी को स्थानांतरित किया जा रहा है.

चुरुलिया ग्राम पंचायत प्रधान प्रदीप कुमार मुखर्जी ने बताया कि कोयला ब्लॉक के विस्तारीकरण के लिए मोची पाड़ा को अधिग्रहित किया जाएगा, जिसके लिए चार स्कूलों और एक आईसीडीएस सेंटर को हटाना पड़ेगा.इन विद्यालयों में लगभग साढ़े तीन हजार छात्र पढ़ते है. उन्होंने कहा कि पहले पंचायत की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज कराने की बात सोची गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि वहां जमीन के नीचे आग जल रही है. ऐसी स्थिति में यदि कोई हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी पंचायत पर आ जाएगी. इसलिए अब स्थानांतरण की बात स्वीकार कर ली गई है, लेकिन लोगों को नई जगह पर सभी सुविधाएं मुहैया करानी होंगी.

उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि नई जगह पर स्मार्ट डिजिटल क्लास बनाई जाएगी और यहां से स्थानांतरित होने वाले लोगों को अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी. प्रधान मुखर्जी ने मोची पाड़ा के पास भट्टाचार्य पाड़ा और चासा पाड़ा के लोगों को भी स्थानांतरित करने की मांग की. इतना ही नहीं, उन्होंने इन दो मोहल्लों के निकट राय पाड़ा और चासा पाड़ा को भी स्थानांतरित करने का आग्रह किया. दूसरी ओर, स्थानीय भाजपा नेता लक्ष्मण बाउरी ने इस भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर यहां जमीन अधिग्रहण नहीं होने देंगे.

उन्होंने बताया कि यह सरकारी जमीन है, जिस पर अधिग्रहण किया जा रहा है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1991 में यहां पुलिस चौकी बनाई गई थी ताकि क्षेत्र में कोई समस्या न हो, लेकिन अब अधिग्रहण की बात कही जा रही है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे सरकारी जमीन पर अधिग्रहण नहीं होने देंगे. इस घटनाक्रम ने चुरुलिया के निवासियों के बीच अनिश्चितता और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि उनके शिक्षा संस्थानों और सामुदायिक भवनों का स्थानांतरण उनके सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है.

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By Amit kumar

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