झारखंड सीमा से सटे जिले के बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र में इस बार चुनावी मुकाबला चरम पर है. तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस, फॉरवर्ड ब्लॉक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के बीच बहुकोणीय लड़ाई में हर वोट अहम माना जा रहा है. वर्ष 2011 में कांग्रेस के नेपाल महतो ने जीत दर्ज की थी और 2016 में भी बढ़त बनाए रखी. 2021 में तृणमूल के सुषांत महतो ने भाजपा समर्थित आजसु उम्मीदवार को हराकर सीट पर कब्जा किया. हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करीब 11 हजार वोटों से बढ़त बनाकर अपनी स्थिति मजबूत की.
इस बार तृणमूल व भाजपा आमने-सामने
वर्ष 2026 के चुनाव में तृणमूल ने सुषांत महतो पर भरोसा जताया है, जबकि भाजपा ने रूहीदास महतो को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने नेपाल चंद्र महतो को उम्मीदवार बनाया है. फॉरवर्ड ब्लॉक के परिमल कुमार और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के मनोज कुमार महतो भी चुनाव मैदान में हैं.
भूगोल और जीविका भी मुद्दा
अयोध्या पहाड़ियों और वन क्षेत्र से घिरे इस इलाके में सिंचाई की सीमित व्यवस्था के कारण खेती प्रभावित रहती है. धान, दाल, तिलहन, जंगल उत्पाद और पशुपालन यहां की आजीविका के मुख्य साधन हैं, जबकि रोजगार के अवसर सीमित हैं.
मतदाता सूची और नये समीकरण
हालिया एसआइआर प्रक्रिया के दौरान करीब 21 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटाये जाने से समीकरण बदले हैं. तृणमूल को अपने निवर्तमान विधायक के काम पर भरोसा है, जबकि भाजपा लोकसभा चुनाव की बढ़त को विधानसभा में दोहराने की कोशिश में है. आगामी चार मई को होनेवाले मतदान में बाघमुंडी की जनता तय करेगी कि सीट पर तृणमूल अपनी पकड़ बनाये रखेगी अथवा, भाजपा नयी बढ़त दर्ज करेगी. कांग्रेस और अन्य दलों की भूमिका भी नतीजों को प्रभावित कर सकती है.
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