भीषण गर्मी में राहत दे रहा ””ताल कुआ””, बांकुड़ा से आकर बेच रहे हैं लालचंद घोष

बातचीत में लालचंद घोष ने बताया कि ताल कुआ फल केवल गर्मी के मौसम में ही मिलता है.

आसनसोल. कुदरत ने इंसानों को स्वस्थ रखने के लिए कई उपाय पहले से ही कर रखे हैं. प्रचंड गर्मी में जब हम कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम से राहत पाने की कोशिश करते हैं, तो हम यह भूल जाते हैं कि कुदरत ने पहले से ही हमें ऐसे फल दिए हैं जो गर्मी से स्वाभाविक रूप से राहत देते हैं. ऐसा ही एक खास फल है ताल कुआ.

आसनसोल के डिपो पाड़ा इलाके में बांकुड़ा से आये लालचंद घोष इस मौसम विशेष के फल को बेच रहे हैं. वह पिछले 10 वर्षों से हर गर्मी में बांकुड़ा से आसनसोल आकर ताल कुआ बेचते हैं. बातचीत में लालचंद घोष ने बताया कि ताल कुआ फल केवल गर्मी के मौसम में ही मिलता है. उन्होंने कहा कि वह 15 मई से इसे बेच रहे हैं और 15 जून तक बेचेंगे. यही एक महीना होता है जब यह फल खाया जाता है.

गर्मी में शरीर को ठंडक देने वाला फल

इसका स्वाद लीची जैसा होता है और इसे खाने से शरीर ठंडा रहता है, गर्मी नहीं लगती और स्वास्थ्य को भी लाभ होता है. उन्होंने बताया कि एक फल का दाम 20 रुपये है और वह दिन भर में करीब 200 फल बेच लेते हैं. लालचंद घोष का कहना है कि इस फल की मांग हर साल बढ़ती जा रही है. यह फल केवल गर्मी के मौसम में ही पाया और खाया जाता है. इसे बांकुड़ा के गांवों से तोड़कर लाया जाता है और यहां लोगों के सामने ताजा फल निकालकर दिया जाता है. बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी यह फल बहुत लाभदायक होता है. यह बहुत मीठा, पानीदार और रसदार होता है. शहर में ताल कुआ जैसे फल आसानी से नहीं मिलते, इसलिये लोग गांव से लाकर चौराहों पर बेचते हैं. सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक इसकी बिक्री खूब होती है.

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Published by: Ganesh mahto

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