नरेंद्रनाथ को अयोग्य घोषित करने को जितेंद्र के चुनावी एजेंट की अपील फेल

पांडवेश्वर विधानसभा सीट से तृणमूल उम्मीदवार व निवर्तमान विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कराने को लेकर यहां से भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी के चुनावी एजेंट सुशील टुडू का उक्त विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर(आरओ) को की गयी अपील फेल हो गयी.

आसनसोल/पांडवेश्वर.

पांडवेश्वर विधानसभा सीट से तृणमूल उम्मीदवार व निवर्तमान विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कराने को लेकर यहां से भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी के चुनावी एजेंट सुशील टुडू का उक्त विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर(आरओ) को की गयी अपील फेल हो गयी. श्री टुडू ने यह आरोप लगाते हुए तृणमूल उम्मीदवार को अयोग्य घोषित करने की अपील की थी कि श्री चक्रवर्ती माइन्स बोर्ड ऑफ हेल्थ के चेयरमैन और रिजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) बोर्ड के सदस्य हैं, यह दोनों ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के तहत आता है, श्री चक्रवर्ती ने अपने हलफनामे में इस बात को छिपाया गया है. इस शिकायत की सूचना मिलते ही श्री चक्रवर्ती ने उक्त दोनों पदों से अपना इस्तीफा देने का पत्र सार्वजनिक कर दिया. इस्तीफा-पत्र के अनुसार चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी होने से पहले ही उन्होंने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया था. भाजपा उम्मीदवार के एजेंट श्री टुडू से इसे लेकर संपर्क करने का प्रयास किया गया, उन्होंने फोन पकड़ा लेकिन मीटिंग में हैं, कह कर बात नहीं की. हालांकि आसनसोल सदर महकमा शासक कार्यालय स्थित आरटीए बोर्ड सदस्य के कार्यालय के दरवाजे पर बुधवार को भी नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के नाम का ही बोर्ड लगा हुआ था.

पश्चिम बर्दवान जिला के नौ विधानसभा सीटों में से पांडवेश्वर सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. यहां निवर्तमान विधायक व तृणमूल के जिलाध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती और इसी सीट के पूर्व विधायक तथा तृणमूल के पूर्व जिलाध्यक्ष व भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी के बीच का मुकाबला हो रहा है. वर्ष 2021 में भी तृणमूल से नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती और भाजपा से जितेंद्र तिवारी के बीच मुकाबला हुआ था, जीत नरेंद्रनाथ को मिली थी. इस बार भी दोनों आमने-सामने हैं और जितेंद्र तिवारी पिछली बार की हार का बदला चुकाने को मैदान में ताल ठोंक रहे हैं.

दोनों ही उम्मीदवारों के खिलाफ अंडाल थाने में एससी/एसटी एक्ट में दर्ज है मामला

25 मार्च 2025 को भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी के खिलाफ अंडाल थाना में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्यचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(r)(s)(t) तथा बीएनएस की धारा 351(2)/115(2)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. यह काफी संगीन मामला होता है, जिसमें जमानत का कोई प्रावधान नहीं होता है. तृणमूल कार्यकर्ता स्थानीय बनबहाल गांव का निवासी चंदन तुरी की शिकायत पर यह दर्ज हुआ था.

इस मामले के दर्ज होने के दसवें दिन ही चार अप्रैल को तृणमूल उम्मीदवार नरेंद्रनाथ के खिलाफ भी एक ही धाराओं तहत अंडाल थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई. उनपर भी एससी/एसटी एक्ट के धारे लगे. शिकायकर्ता बनबहाल गांव का ही निवासी व भाजपा कार्यकर्ता सूरज चौहान रहा. इसके बाद से यहां चुनावी जंग और भी रोचक हो चुका है. इसबीच नरेंद्रनाथ को अयोग्य घोषित कराने को लेकर शिकायत हुई.

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Author: AMIT KUMAR

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