दशकों से दुर्गापुर बैराज में जमा है गाद, जिसे निकालने में केंद्र सरकार से सहयोग नहीं : सिंचाई मंत्री

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि दुर्गापुर बैराज से गाद निकालने का काम केंद्र का है. इसका केंद्र ने वादा भी किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है.

बांकुड़ा. शुक्रवार को राज्य के सिंचाई मंत्री मानस भुईंया ने बांकुड़ा के सांसद के साथ दुर्गापुर बैराज की नवनिर्मित सड़क का निरीक्षण किया और बांध में दशकों से जमा गाद को लेकर केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि बैराज में बेशुमार गाद जमा हो जाने से बांध की जलवहन क्षमता काफी घट गयी है. इसलिए अब बांध की ड्रेजिंग व डीसिल्टिंग जरूरी हो गयी है. यह काम केंद्र की मदद के बगैर काफी मुश्किल है. मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि दुर्गापुर बैराज से गाद निकालने का काम केंद्र का है. इसका केंद्र ने वादा भी किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है. दामोदर नदी पर बने दुर्गापुर बैराज पुल का जीर्णोद्धार 15 जून को पूरा हो गया. राज्य के सिंचाई विभाग ने एक मई को पुल को यातायात के लिए बंद कर मरम्मत शुरू की थी. शुक्रवार को पूरा हुआ काम देखने के वास्ते सिंचाई मंत्री मानस भुईंया यहां पहुंचे. उनके साथ बांकुड़ा के सांसद अरूप चक्रवर्ती, बरजोड़ा के विधायक आलोक मुखर्जी, जिलाधिकारी(डीएम) व पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौजूद थे. मौके पर मंत्री ने बताया कि दुर्गापुर बैराज के सभी लॉकगेट बंद कर दिये गये थे और वाहनों को बैराज के नीचे अस्थायी सड़क बना कर उससे गुजारा जा रहा था. भारी वाहनों को मेजिया ब्रिज से डायवर्ट कर रानीगंज के रास्ते चलाने से परिवहन सेवा सामान्य रखने में सफलता मिली है. डीवीसी से पानी छोड़े जाने को लेकर पूछने पर उन्होंने कहा कि स्थिति पर राज्य सरकार की नजर है. हालांकि, पुल की मरम्मत के दौरान डीवीसी के पंचेत, मैथन व दुर्गापुर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद डेढ़ माह तक पानी पूरी तरह बंद रहा. बीते कुछ दिनों में बांकुड़ा, पुरुलिया व झारखंड में लगातार बारिश के कारण दामोदर का जलस्तर बढ़ गया है. डीवीसी, हमारे इंजीनियर व सचिव धीरे-धीरे पानी छोड़ने की व्यवस्था कर रहे हैं. अनुरोध किया गया है कि झारखंड के तेनुघाट डैम से पानी छोड़ने से पहले पश्चिम बंगाल को सूचित किया जाये. हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन सभी मामलों पर नजर रख रही हैं. आज 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. दुर्गापुर बैराज की जल-वहन क्षमता गाद बढ़ने से घट गयी है. वहां से गाद निकालना बहुत जरूरी है. इस सवाल पर मंत्री मानस भुईंया ने केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. शुक्रवार सुबह राज्य के सिंचाई मंत्री मानस भुईंया दुर्गापुर बैराज की पुनर्निर्मित सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने कहा, दुर्गापुर बैराज के लॉकगेट की मरम्मत के लिए हमें वर्ष 2015 से केंद्र से कोई सहयोग नहीं मिला है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गाद निकालने के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है. दुर्गापुर बैराज की सड़क के जीर्णोद्धार के संबंध में उन्होंने कहा कि सड़क जीर्णोद्धार का काम समय पर पूरा हो गया है. बारिश के कारण कुछ परेशानी हुई थी. बैराज की सड़क पर रबड़ सील लगाना बाकी है, जिसे हैदराबाद से लाकर लगाया जायेगा. दुर्गापुर बैराज के बगल में लोड कम करने के लिए वैकल्पिक पुल की मांग लंबे समय से हो रही है. विधायक आलोक मुखर्जी ने भी मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया है. लेकिन सरकार की अब तक कोई सकारात्मक भूमिका नहीं दिख रही है. इस बाबत बांकुड़ा के नागरिक समाज की ओर से कई शिकायतें आयी हैं. आज उन्होंने विधायक आलोक मुखर्जी के माध्यम से सिंचाई मंत्री को वैकल्पिक पुल की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा. इस संबंध में मानस भुईंया ने कहा कि वैकल्पिक पुल के लिए केंद्रीय मदद जरूरी है. वर्ष 2011 में ममता बनर्जी मात्र 21 हजार करोड़ रुपये के राजस्व संसाधन के साथ सत्ता में आयी थीं. अब वे एक करोड़ 12 हजार 500 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा रही हैं. अगर ममता बनर्जी को केंद्र सरकार से मदद नहीं मिलती है, तो वे अपने स्तर पर वैकल्पिक सेतु बनाने का प्रयास करेंगी.

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Published by: Ganesh mahto

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