शिल्पांचल का कुख्यात लक्ष्मी गिरफ्तार

कामयाबी. डीपीएल कॉलोनी में छिनतई के फेर में पड़े थे मुजरिम, गश्ती पुलिस को देखते ही भागे और पकड़े गये

कामयाबी. डीपीएल कॉलोनी में छिनतई के फेर में पड़े थे मुजरिम, गश्ती पुलिस को देखते ही भागे और पकड़े गये दुर्गापुर. शिल्पांचल में राहजनी, महिलाओं से हार छिनताई और कई अन्य आपराधिक वारदातों में वांछित पेशेवर अपराधी लक्ष्मी साहनी(46) को उसके साथी मनीरुल मिद्दा(40) के साथ कोकओवन थाने की पुलिस ने दबोच लिया. दोनों बदमाश दुर्गापुर की डीपीएल कॉलोनी में कार के अंदर सवार होकर छिनताई करने के चक्कर में पड़े थे, तभी गश्ती पुलिस की नजर उन पर पड़ गयी. इस पर कार से ही दोनों अपराधी भागने लगे, जिन्हें गश्ती पुलिस ने खदेड़ कर दबोच लिया. इसे कोकओवन थाने की पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. दोनों पेशेवर मुजरिमों के खिलाफ दुर्गापुर के विभिन्न इलाकों में महिलाओं के गले व कानों से सोने के हार छीनने के आरोप हैं. गुरुवार को कोकओवन थाने की पुलिस ने दोनों आरोपियों को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिनों की पुलिस रिमांड में लॉकअप भेज दिया गया. उनके खिलाफ केस नंबर 46/25 के तहत 304/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है. लक्ष्मी साहनी इन दिनों बीरभूम जिले के बोलपुर थाना क्षेत्र के कालीपुकुर में रह रहा था और मनीरुल मिद्दा बांकुड़ा जिला के बरजोड़ा गुरूर बांध का निवासी है. कैसे पकड़ाये दोनों पेशेवर मुजरिम: पुलिस सूत्रों की मानें, तो बुधवार शाम करीब 5:00 बजे दोनों पेशेवर अपराधी उक्त थाना क्षेत्र की डीपीएल कालोनी में नंबर प्लेट के बगैर एक कार में सवार होकर छिनताई के चक्कर में पड़े थे. तभी इलाके में गश्त कर रही पुलिस को उनकी कार को देख कर संदेह हुआ. फिर पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया. इस पर रोकने के बजाय कार लेकर दोनों सवार बदमाश भागने लगे. इस पर गश्ती पुलिस टीम उनके पीछे लग गयी और कुछ दूर जाकर कार में सवार लक्ष्मी साहनी को पहले दबोच लिया गया. वहां से भागे उसके दूसरे साथी मनीरुल मिद्दा को भी बाद में बोलपुर से पकड़ लिया गया. पुलिस की पूछताछ में आरोपी लक्ष्मी साहनी ने माना कि वह अपने सहयोगी के साथ महिलाओं के सोने के हार लूटने के इरादे से कार में सवार होकर इलाके में घूम रहा था. कोकओवन थाना प्रभारी ने बताया कि लक्ष्मी साहनी व उसके साथी को गिरफ्तारी के बाद रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों तक पुलिस पहुंच सके. वर्षों से दुर्गापुर में करता रहा छिनतई पुलिस सूत्रों की मानें, तो लक्ष्मी साहनी पेशेवर अपराधी है. वह आजकल बीरभूम जिले के बोलपुर में रह रहा था, उसकी ससुराल दुर्गापुर के स्टील टाउनशिप के सेकेंडरी इलाके में होने के कारण वर्ष 2005 से वह दुर्गापुर में रहने लगा. वहां वह लोहा, कोयला के अवैध धंधा से होते हुए अपराध की दुनिया में आया. फिर वह लूटपाट , हत्या, चोरी एवं छिनताई जैसे अपराध करने के बाद शहर और आसपास के इलाकों में कुख्यात हो गया. कुछ ही वर्षों में वह पेशेवर मुजरिम बन गया. पुलिस की मानें, तो वर्ष 2010 में आपराधिक घटना में बार-बार गिरफ्तारी के बाद वह दुर्गापुर से अपना ठिकाना छोड़ कर बीरभूम चला गया, जहां से वह समय-समय पर दुर्गापुर में आकर अपराध करके बीरभूम भाग जाता था.

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Published by: Sandip tiwari

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