चार हफ्ते में भेजें रिपोर्ट वरना दंडात्मक शक्तियों का होगा प्रयोग

पर्यावरण प्रदूषण पर देंदुआ क्षेत्र की फैक्टरियों से सिलिकॉन मेटालॉइड्स के उत्सर्जन की मात्रा जानने को विशेषज्ञ टीम से रिपोर्ट तलब

आसनसोल. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सिलिकोसिस के मुद्दे पर एक्शन टेकेन रिपोर्ट(एटीआर) को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस आयुक्त(सीपी) को रिमाइंडर भेजने से यह मामला गरमा गया है. आयोग ने इस बार कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट एनएचआरसी को भेजें अन्यथा मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा के तहत अपनी दंडात्मक शक्तियों का प्रयोग करने के लिए बाध्य होगा. आयोग ने इस रिमाइंडर की प्रति राज्य के मुख्य सचिव को भी भेजी है. जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है. काबिल-ए-गौर है कि जिला के सालानपुर प्रखंड इलाके में सीलिकोसिस की बीमारी काफी तेजी से फैल रही है. इस मुद्दे को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई भी उचित कार्रवाई नहीं किये जाने का आरोप लगाकर प्रखंड के रामडी इलाके के निवासी अमरनाथ महतो ने एनएचआरसी में शिकायत की थी. उनका आरोप है कि सिलिकोसिस मरीजों का इलाज टीबी मरीजों की तरह डिओटीएस कोर्स के तहत कर रहे हैं और पीड़ितों के प्रति कारखाना प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने का अनुरोध किया था. इस पर आयोग ने 28 अक्तूबर 2024 को जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर आठ सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगा था. आयोग ने निर्देश पर पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से 28 नवम्बर 2024 को एक रिपोर्ट भेजा गया. इस मामले में जांच को लेकर सालानपुर थाना में 17 नवम्बर 2024 एक जीडीइ संख्या 513 दर्ज की गयी. जिसमें यह सूचित किया गया कि जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आसनसोल के भारप्राप्त प्रभारी को सालानपुर थाना क्षेत्र के देंदुआ इलाके में स्थित विभिन्न उद्योगों में फिजिकल वेरिफिकेशन करने को विशेषज्ञ टीम भेजने को कहा गया है. इसकी सूचना एसडीओ और स्थानीय बीडीओ को भी भेजी गयी. सालानपुर प्रखंड के बीडीओ कार्यालय ने जन शिकायत प्रकोष्ठ पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रभारी से पर्यावरण प्रदूषण को लेकर देंदुआ इलाके में स्थित कारखानों से सिलिकॉन मेटालॉइड्स के उत्सर्जन की मात्रा का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ टीम भेजने का अनुरोध किया है. चूंकि विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट प्रतीक्षित है, ऐसे में जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट जमा करने के लिए नया रिमाइंडर जारी किया जा रहा है. यह रिमाइंडर एक जनवरी को जारी किया गया है.

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By Ganesh mahto

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