आरोप-पत्र कार्यक्रम के दौरान रुद्रनील घोष का तृणमूल सरकार पर तीखा हमला

भाजपा के वरिष्ठ नेता और फिल्म अभिनेता रुद्रनील घोष ने पुरुलिया में पार्टी के चार्जशीट पत्र कार्यक्रम के दौरान राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा.

पुरुलिया.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और फिल्म अभिनेता रुद्रनील घोष ने पुरुलिया में पार्टी के चार्जशीट पत्र कार्यक्रम के दौरान राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने हुमायूं कबीर की नयी राजनीतिक पार्टी, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, बीएलओ बैठक और पुरुलिया की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी.

हुमायूं कबीर की नयी पार्टी पर कटाक्ष

हुमायूं कबीर द्वारा नयी राजनीतिक पार्टी की घोषणा पर रुद्रनील घोष ने कहा कि वे एक नहीं, बल्कि तीन-चार पार्टियां भी बना सकते हैं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें कितनी पार्टियां बनाने का निर्देश देती हैं. उन्होंने इसे हुमायूं कबीर और ममता बनर्जी के बीच का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा अपने करीबी नेताओं की मदद की है और आगे क्या खेल होगा, यह समय बतायेगा.

हिंदू अस्मिता और इस्लामिक फासीवाद का आरोप

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए रुद्रनील घोष ने इसे इस्लामिक फासीवादी मानसिकता का परिणाम बताया. उन्होंने पूर्व मेदिनीपुर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म के लिए जागो मां गीत गाने पर गायिका लग्नजिता चक्रवर्ती पर हमला करने की कोशिश की गयी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटनाएं केवल बंगाल या बांग्लादेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक वैश्विक सोच का हिस्सा हैं. मुख्यमंत्री पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ईद के मंच से हिंदू धर्म के खिलाफ बयान देना या महाकुंभ को मृत्यु कुंभ कहना, ऐसी मानसिकता को मौन समर्थन देता है.

बीएलओ बैठक और संवैधानिक मर्यादा पर सवाल

मुख्यमंत्री द्वारा बीएलओ के साथ बैठक करने पर तंज कसते हुए रुद्रनील घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री शायद यह भूल गयी हैं कि वह केंद्रीय चुनाव आयोग नहीं हैं. उन्हें नबान्न और पार्टी कार्यालय के बीच का अंतर समझना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की राजनीतिक सनक का हिस्सा न बनें. पुरुलिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह जिला संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद उपेक्षित है. उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में पीने के पानी की भारी किल्लत है और लोग पत्थर काटकर पानी निकालने को मजबूर हैं. मुख्यमंत्री द्वारा आदिवासियों के साथ किए जाने वाले सांस्कृतिक आयोजनों को उन्होंने प्रतीकात्मक बताते हुए कहा कि यह वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है. रुद्रनील घोष ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने पुरुलिया के विकास के खिलाफ जैसे युद्ध छेड़ रखा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >